कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण से सरकार गंभीर, अपर मुख्य सचिव ने बैठक कर दिये निर्देश

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  • उत्तर प्रदेश शासन के अपर मुख्य सचिव एवम् स्वास्थ्य शिक्षा विभाग के रजनीश दुबे ने कलेक्ट्रेट के सभागार में प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग व आईएमए के पदाधिकारियों के साथ की महत्वपूर्ण बैठक
  • संकट की इस घड़ी में महामारी को दृष्टिगत रखते हुए आपसी सामंजस्य के साथ सभी को रोना मत व्यक्तियों को प्रोटोकॉल के अनुरूप इलाज संभव कराने के दिए निर्देश

फाईज़ अली सैफी, गाज़ियाबाद। जनपद में कोविड-19 महामारी को दृष्टिगत रखते हुए सभी जनपद वासियों को कोरोना वायरस के संक्रमण से सुरक्षित किया जा सकें तथा संक्रमित व्यक्तियों का कोविड-19 प्रोटोकॉल के अनुरूप इलाज संभव करते हुए उन्हें स्वास्थ कर भेजने के संबंध में उत्तर प्रदेश सरकार लगातार गंभीरता के साथ कार्यवाही सुनिश्चित कर रही हैं।

प्रदेश सरकार के निर्देशों के अनुपालन में अपर मुख्य सचिव स्वास्थ्य, शिक्षा विभाग के रजनीश दुबे के द्वारा उनके भ्रमण कार्यक्रम के दौरान कलेक्ट्रेट के सभागार में जिला प्रशासन स्वास्थ्य विभाग एवं आईएमए के पदाधिकारियों के साथ महत्वपूर्ण बैठक करते हुए संकट की इस घड़ी में आपसी सामंजस्य स्थापित करते हुए सभी संभावित कोरोना वायरस व्यक्तियों की खोज तथा संक्रमित व्यक्तियों का समय पर प्रोटोकॉल के अनुरूप इलाज संभव कराया जाना एवं कोरोना वायरस के संक्रमण को फैलने से रोकना आदि विषयों पर जनता के साथ विचार विमर्श किया गया हैं। इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव रजनीश दुबे ने कहा कि सर्वप्रथम बहुत ही मजबूती के साथ जनपद में सर्विलेंस का कार्य संचालित करते हुए सभी संभावित कोरोना वायरस वैक्सीन की खोज करने की कार्यवाही की जाए। उन्होंने कहा कि कोरोना संक्रमित व्यक्तियों की जितनी शीघ्रता के साथ वह पहचान कर सकेंगे, उतनी ही गति के साथ कोरोना वायरस के संक्रमण को समाप्त करने में उन्हें सफलता प्राप्त होगी।

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दूसरे चरण में सभी करोना संक्रमित व्यक्तियों को कोविड 19 प्रोटोकॉल के अनुरूप इलाज उपलब्ध कराते हुए उन्हें स्वास्थ बनाने की कार्रवाई सुनिश्चित हो, इसके संबंध में उन्होंने वर्तमान में बढ़ते हुए कोरोना संक्रमित व्यक्तियों की संख्या के अनुरूप आगामी परिस्थितियों को दृष्टिगत रखते हुए कोविड अस्पताल तैयार करना तथा जिसमें पर्याप्त मात्रा में बेड व्यवस्था चिकित्सा एवं पैरामेडिकल स्टाफ की व्यवस्था समय रहते सुनिश्चित हो, इसके संबंध में कार्य योजना बनाकर उसके अनुरूप कार्यवाही सुनिश्चित की जाए, ताकि सभी कोरोना संक्रमित व्यक्तियों का इलाज सरकार की मंशा के अनुरूप जनपद में संभव कराया जा सकें। अपर मुख्य सचिव ने कहा कि जितनी सर्विलेंस का कार्य गहनता के साथ होगा उतनी ही अधिक संख्या में कोरोना वायरस व्यक्ति मिलेंगे, उन्हें तत्काल आइसोलेशन के लिए संबंधित अस्पतालों में भर्ती कराने के उद्देश्य से पहले से ही एंबुलेंस की संख्या बढ़ाने की कार्रवाई जिला प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के द्वारा सुनिश्चित की जाए, ताकि सभी संक्रमित व्यक्तियों को यथा समय अस्पतालों में पहुंचकर उनका इलाज संभव कराया जा सकें।

उन्होंने निर्देश दिए हैं कि कोविड-19 अस्पतालों में बायो मेडिकल वेस्ट के नियंत्रण की व्यवस्था प्रोटोकॉल के अनुसार सुनिश्चित कराई जाए, ताकि करोना के संक्रमण को फैलने से रोका जा सकें। उन्होंने बैठक में इस बात पर भी विशेष बल दिया कि कोरोना वायरस को जिस स्तर का इलाज की आवश्यकता हो उसे तत्काल बिना देर किए मरीज की हिस्ट्री सहित शिफ्टिंग का कार्य तुरंत किया जाए, ताकि समय पर उन्हें इलाज संभव हो सकें, इस कार्य में किसी भी स्तर पर मानकों की अनदेखी छम्य नहीं होगी। मरीज को स्विफ्ट कराते समय एंबुलेंस में प्रॉपर ऑक्सीजन तथा प्रशिक्षित अपडेट की सुविधा के साथ मरीजों को शिफ्टिंग का कार्य सुनिश्चित किया जाए, ताकि करोना मृत्यु दर को कम किया जा सकें। अपर मुख्य सचिव ने महत्वपूर्ण बैठक में कोरोना वायरस के संक्रमण के फैलने से रोकने के उद्देश्य से लगातार जागरूकता कार्यक्रम संचालित करने के निर्देश भी दिए हैं।

उन्होंने कहा कि करोना कि इलाज में जो डॉक्टर एवं पैरामेडिकल स्टाफ कोरोना वायरस में कार्य कर रहे हैं, उनका लगातार हौसला बढ़ाने के उद्देश्य से नियमित रूप से उनकी काउंसलिंग करने का कार्य भी सर्वोच्च प्राथमिकता के आधार पर सुनिश्चित किया जाए, ताकि आगे भी इस क्षमता के साथ अपना कार्य सुनिश्चित करते रहे। इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव ने आईएमए के पदाधिकारियों को भी महामारी को दृष्टिगत रखते हुए जिला प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग के साथ लगातार सहयोग करने का आवाह्न किया गया। बैठक में जिलाधिकारी अजय शंकर पांडे ने अपर मुख्य सचिव को आश्वस्त किया कि कोरोना वायरस के संबंध में तथा करोना संक्रमित व्यक्तियों के इलाज की दिशा में जो दिशा निर्देश दिए गए हैं, आगे उनका अक्षर से पालन सुनिश्चित करते हुए कार्यवाही सुनिश्चित की जाए। बैठक में नोडल अधिकारी सेंथिल पांडियन सी, शिव सहाय अवस्थी, मुख्य विकास अधिकारी अस्मिता लाल एवम् स्वास्थ्य विभाग के अधिकारीगण एवं आईएमए के पदाधिकारियों द्वारा भाग लिया गया। बैठक के उपरांत अपर मुख्य सचिव के द्वारा संतोष मेडिकल अस्पताल एवं एमएमजी अस्पताल का निरीक्षण करते हुए भी चिकित्सकों को आवश्यक दिशा निर्देश दिए गए हैं।

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