जरूर देखें: Industry Automation के कारण जाएगी नौकरी, इतने लोग होंगे बेरोजगार

67

  • त्रिनाथ मिश्र, ई-रेडियो
नई दिल्ली। कहते हैं कि खाली जेब इस दुनिया की सबसे बड़ी बीमारी है…. धर्म भी कहता है कि भूखे भजन न होंहि गोपाला….. तो क्या यह मान लिया जाए कि अब आने वाले वक्त में भगवान की उपासना करना और खुश रहना दोनों पर पाबंदी लग जाएगी?

नौकरियों से सम्बंधित आंकड़ों में तेजी गिरते ग्राफ ने केंद्र सरकार के लिए मुसीबत बनना शुरू हो गए हैं, हालाकि अपने पहले कार्यकाल में मोदी सरकार रोजगार को लेकर विपक्षियों के निशाने पर रही। अब एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि इस साल आईटी सेक्टर के रोजगार में बड़ी गिरावट आ सकती है। इकोनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार टीमलाइज सर्विसेज ने अनुमान लगाया है कि प्रमुख रोजगार सृजन क्षेत्रों में ऑटोमेशन के कारण रोजगार में 37 फीसदी तक की गिरावट आ सकती है।

रिपोर्ट में कहा गया है कि ई-कॉमर्स, बीएफएसआई (बैंकिंग, वित्तीय सेवाओं और बीमा) और बीपीओ-आईटी-सक्षम सेवाओं में 2018-22 के अनुमानों की तुलना में 2019-23 में 37% तक की गिरावट आ सकती है।

ऑटोमेशन क्या है?

जिन कार्यों को इंसान करते हैं उनको मशीनों के द्वारा करने का प्लांट लगाना ऑटोमेशन कहलाता है, इसमें इंसानों की जरूरत कम पड़ती है और उत्पादन छमता बढ़ती है। इंसानों के काम करने में अधिक समय लगता है और मशीनों द्वारा उसी काम को कम समय में पूरा कर लिया जाता है।

जिन क्षेत्रों में रोजगार सृजन धीमा हो गया है, उनमें मार्केटिंग और विज्ञापन (advertising) सहित कृषि, टेलीकम्यूनिकेशन, नॉलेज प्रोसेस आउटसोर्सिंग, इनफार्मेशन टेक्नोलॉजी, मीडिया और मनोरंजन, हेल्थ केयर और फार्मास्यूटिकल्स शामिल हैं। टीमलीज सर्विसेज ने अपनी दो रिपोर्टों – द जॉब्स एंड सैलरी प्राइमर 2019, और एम्प्लॉयमेंट आउटलुक रिपोर्ट HY1, 2019-20 से डेटा को लिया है।

ऑटो सेक्टर में भी गिरावट दर्ज

वाहन बिक्री के असर से उत्पादन में कमी के बाद देश के ऑटो सेक्टर में नौकरियों की मांग घटने लगी है। जून में इस क्षेत्र की रोजगारों की संख्या जनवरी के मुकाबले 20 फीसदी तक घट गई है। ऑटो सेक्टर में बिक्री और उत्पादन दोनों मोर्चे पर आई गिरावट को देखते हुए फिलहाल पूरे सेक्टर में नई भर्तियां थम सी गई हैं। सोसायटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स के आंकड़ों के मुताबिक जून महीने 25 फीसदी कम कारें बिकी हैं। 

सरकार की सफाई के इंतजार में फिलहाल ऑटो कंपनियों ने भी अपनी सभी विस्तार योजनाओं पर ब्रेक लगा दिया है। इसका सबसे ज्यादा असर डीलरों पर पड़ा हैं। आंकड़ों के मुताबिक पिछले एक साल में 350 के करीब डीलरशिप बंद हो गई हैं और करीब 4 हजार लोग बेरोजगार हुए हैं।
Send Your News to +919458002343 email to eradioindia@gmail.com for news publication to eradioindia.com