पुलिस को निठोरा रोड पर मिला था अज्ञात शव, पुलिस ने 5 को दबोचा

पुलिस को निठोरा रोड पर मिला था अज्ञात शव, पुलिस ने 5 को दबोचा

कब्जे से कागजात, नंबर प्लेट व लूटी हुई वैगनआर कार कटी हुई हालत में हुई बरामद

  • फाईज़ अली सैफी || ई-रेडियो इंडिया

गाज़ियाबाद। थाना लोनी पुलिस ने निठारा रोड पर पड़े मिले अज्ञात शव के हत्याकांड का खुलासा करते हुए पांच बदमाशों को गिरफ़्तार किया हैं। पुलिस को इनके पास से लूटी हुई वैगनआर कार कटी हुई हालत में बरामद हुई हैं।

आपको बताते चलें कि 2 जनवरी की सुबह थानाक्षेत्र के निठोरा रोड पर एक अज्ञात व्यक्ति के शव पड़े मिलने की सूचना पुलिस को प्राप्त हुई थी। जिसके चलते पुलिस ने अज्ञात शव का पंचनामा भरते हुए मृतक की शिनाख्त के लिए उसके फोटो और पंपलेट छपवा कर आस-पास के थानों एवं जनपदों में चस्पा करा दिया था। इतना ही नहीं, मृतक की शिनाख्त के लिए सोशल मीडिया पर भी उसकी फोटो को वायरल करा दी गई थी।

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गौरतलब है कि सोशल मीडिया के माध्यम से अपलोड हुए फोटो को देखकर 6 दिन के बाद मृतक का छोटा भाई वादी सुशील पाल पुत्र शिव रतन निवासी दिबियापुर औरैया, हाल ईकोटेक तृतीय गौतमबुधनगर थाने पहुंचा और उसने मृतक के कपड़ों से उसकी पहचान अपने बड़े भाई के रूप में की थी।

वादी सुशील पाल ने पुलिस को जानकारी देते हुए बताया कि उसका बड़ा भाई सुनील कुमार ओला कंपनी में अपनी गाड़ी वैगनआर ओला ऐप के माध्यम से चलाया करता था। पुलिस ने वादी की तहरीर पर मुकदमा दर्ज करते हुए जैसी विवेचना प्रारंभ कि और ओला कंपनी से जानकारी की तो पुलिस को ज्ञात हुआ कि आखरी बुकिंग राहुल सैनी के नाम से कराई गई थी। जिसके नंबर की सीडीआर प्राप्त करने पर पुलिस को पता पड़ा कि यह नंबर फरहनाज़ पत्नी युसूफ की आईडी पर रजिस्टर्ड हैं। जिसे उसका पति युसूफ इस्तेमाल करता हैं।

बता दें कि इस घटना को मद्देनज़र रखते हुए एसपी ग्रामीण ने ईरज राजा ने टीम का गठन किया और उन्हें उचित निर्देश देते हुए जल्द से जल्द खुलासा करने को लेकर निर्देशित किया था। जिसके चलते पुलिस ने सर्विलांस और मुखबिर की सूचना पर युसूफ पुत्र मुबारक निवासी थाना लोनी बॉर्डर, शाने आलम उर्फ शानू उर्फ सुपारी पुत्र अतीक निवासी थाना नहटौर बिजनौर और साहिल पुत्र जगदीश निवासी थाना लोनी को नेहरू पार्क आर्य नगर से गिरफ़्तार कर लिया हैं।

सख्ती से की गई पूछताछ में पकड़े गए अभियुक्तों ने अपने जुर्म का इकबाल करते हुए बताया कि उन्होंने लूटी गई वैगनआर कार को नईम और उसके भाई नदीम पुत्र शहीद अहमद निवासी थाना धामपुर बिजनौर को 15 हज़ार रूपए में बेच दी हैं। जिसको मद्देनज़र रखते हुए पुलिस ने अभियुक्त गणों की निशानदेही पर दबिश देकर नईम और नदीम के घर/गोदाम से उन्हें हिरासत में लेकर पूछताछ की तो उन्होंने बताया कि वैगनआर कार को हम लोगों ने काट दिया हैं। जिसके बाद पुलिस ने कटी हुई कार, कागजात और नंबर प्लेट को भी वहां से बरामद कर ली हैं, साथ ही नईम और नदीम को भी गिरफ़्तार कर लिया गया हैं।

थाना लोनी प्रभारी निरीक्षक ओमप्रकाश सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि पकड़े गए अभियुक्त गण शातिर किस्म के अपराधी हैं, जिनके विरुद्ध कई मुकदमें दर्ज हैं। उन्होंने बताया कि पुलिस ने हत्याकांड में शामिल तीनों आरोपियों के साथ उन दोनों कबाड़ियों को भी गिरफ़्तार कर लिया गया हैं, जिन्होंने कार को खरीदी और काटी थी। पुलिस ने इनके विरुद्ध कानूनी कार्रवाई करके इनको जेल भेज दिया हैं। वहीं, बदमाशों को पकड़ने वाली टीम में प्रभारी निरीक्षक ओमप्रकाश सिंह, उपनिरीक्षक शैलेंद्र सिंह, विजय कुमार यादव, संजीव कुमार, वरिष्ठ सिपाही मनोज कुमार, रविंद्र कुमार, सचिन, सिपाही विजय राठी, सुरजीत, पवन शर्मा और सिपाही विकास मौजूद रहे हैं।

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