बेशर्म पुलिस के मुंह पर करारा तमाचा, अब चलेगा तारीख पर तारीख का सिलसिला, फिर बच गया विकास

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  • त्रिनाथ मिश्र, ई-रेडियो इंडिया

मेरठ। उत्तर प्रदेश पुलिस के मुंह पर करारा तमाचा जड़ते हुए विकास दुबे मध्य प्रदेश के उज्जैन मंदिर में खुद की पहचान मंदिर के गार्ड को बताकर सरेंडर कर दिया है। ऐसे में बताया जा रहा है कि यह पुलिस की सबसे बड़ी विफलता है। बता दें कि 8 पुलिसकर्मियों को बेदर्दी से मौत के घाट उतारने के बाद विकास दुबे फरार हो गया था। एक हफ्ते तक धरपकड़ और जांच-पड़ताल के बाद तीन स्टेट की पुलिस उसे नहीं पकड़ पाई, मध्य प्रदेश के मंदिर में जाकर विकास दुबे ने खुद अपनी पहचान बताई गार्ड को और उसके बाद गार्ड ने सिपाहियों को बुलाकर उसे अरेस्ट कराया तो ऐसे में कहीं न कहीं यह बताया जा रहा है कि सरकार से विकास दुबे की मिलीभगत है और विकास दुबे ने खुद को जानबूझकर सरेंडर किया है।

मिलेगी तारीख पर तारीख, जेल से चलेगा कारोबार

कयास लगाए जा रहे हैं कि विकास दुबे जेल में रहकर अब अपनी सारी वारदातों को अंजाम देता रहेगा और ठीक उसी तरीके से जैसे कि अभी तक अदालतों का काम होता आया है तारीख पर तारीख मिलती रहेगी।  विकास दुबे नाम का यह शख्स एक बार फिर से पुलिस और प्रशासन की नाक के नीचे से तांडव करते हुए अपनी जान को बचाकर फिर निकल गया है, साफ बच गया है। ऐसे में पुलिस की बहुत ही बर्बरता के साथ उसने पुलिस की बेज्जती की है। बताया जा रहा है कि विकास दुबे अब अपने साम्राज्य को जेल के अंदर से आएगा।

अपनों का बदला भी नहीं ले पाई पुलिस

सबसे बड़ी शर्मनाक बात यह है कि उत्तर प्रदेश की पुलिस और हरियाणा की पुलिस लगातार उसे ढूंढती रह गई। हरियाणा में स्पॉट किए जाने के बाद वह मध्य प्रदेश पहुंच गया और उज्जैन मंदिर में खुद की पहचान बताकर के सिपाहियों से खुद को अरेस्ट करवा दिया। अब ऐसे में पुलिस हाथ मलती रह गई है, ना तो उसके इन काउंटर का सपना पूरा हो पाया और ना ही उस को कड़ी से कड़ी सजा देने का दावा। यह जरूर है पुलिस  उसके सबूत जुटा रही है लेकिन सबूत और गवाहों से क्या होता है, आने वाले 20 वर्षों तक मुकदमे में तारीख पर तारीख की परंपरा चलती रहेगी और विकास दुबे नाम का शख्स दूसरों को डरा धमका रहेगा।

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