यह महामारी मनुष्यों के पापों का परिणाम है, घरों में रहकर छमा याचना करें: मौलाना साद कांधलवी

maulana saad

नई दिल्ली। निजामुद्दीन में बैठक के बाद गुरुवार को जमीयत नेता मौलाना साद कांधलवी ने कहा कि उन्होंने डॉक्टरों की सलाह पर खुद को क्वारंटाइन किया है। 

उन्होंने एक ऑडियो क्लिप जारी कर कहा, “हमें इस संकट से निपटने में अपनी सरकार की मदद और समर्थन करना चाहिए। मैंने डॉक्टरों से मिले निर्देशों के तहत दिल्ली में खुद को शांत किया है। यह एहतियाती उपाय विश्वास के सिद्धांत के खिलाफ नहीं है, इसलिए इस तरह के कदमों को अपनाना महत्वपूर्ण है।”

साद ने कहा, मैं अपने सभी जमैत से अपील करता हूं कि वे हमारी सरकार के निर्देशों का पालन करें। आपको बता दें कि विभिन्न राज्यों के अधिकारियों ने 6,000 से अधिक लोगों की पहचान की है जो निजामुद्दीन तब्लीगी जमात मण्डली में शामिल हुए थे।

मध्य मार्च के इस्लामिक धार्मिक प्रवचन में हजारों जमात के सदस्यों के साथ-साथ सैकड़ों विदेशियों ने भाग लिया – उनमें से कई को कोरोनोवायरस से संक्रमित होने का संदेह था यही नहीं उनकी वजह से वायरस के प्रसार से देशव्यापी डर पैदा हो गया। 

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साद ने कहा कि, इसमें कोई संदेह नहीं है कि यह महामारी उन पापों का परिणाम है जो हम मनुष्य कर रहे हैं। हमें घर पर रहकर क्षमा के लिए अल्लाह से प्रार्थना करनी चाहिए। इस तरह, हम अपने प्रभु को मानव जाति पर दया दिखाने और उन्हें बचाने के लिए खुश करने में सक्षम होंगे।
उन्होंने कहा कि उलेमाओं, सरकार और डॉक्टरों के निर्देशों का पालन करने की जरूरत नहीं है और किसी को भी घर से बाहर नहीं जाना चाहिए और सभाओं का आयोजन नहीं करना चाहिए।
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