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हवा की गुणवत्ता सुधारने के लिये प्रदूषण बोर्ड का प्रयास

  • सितंबर तक पीएनजी में बदलनी होगी 550 इकाइयां, एक्यूएमसी ने दिए आदेश
    मेरठ। जिले में चल रहीं करीब 550 औद्योगिक इकाइयों को सितंबर तक पीएनजी में बदलना होगा। इसके लिए एक्यूएमसी ने आदेश जारी किए हैं। इस समय जिले में मात्र 50 इकाइयां ही पीएनजी पर चलती हैं। इससे जहरीला धुआं उत्सर्जित होता है।
    क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण अधिकारी डा.योगेंद्र कुमार ने बताया शहर को प्रदूषण से राहत दिलाने के लिए वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग ने 30 सितंबर तक संचालकों को फैक्टरियां पीएनजी पाइप्ड नेचुरल गैस में बदलने के निर्देश दिए हैं। इसके बाद औद्योगिक इकाइयों में कोयले के प्रयोग की अनुमति नहीं होगी। आयोग ने इस संबंध में नोटिस जारी कर दिए हैं।
    मेरठ में हवा की गुणवत्ता लगातार खराब हो रही है। हर वर्ष सितंबर से दिसंबर के बीच हालात और विकट हो जाते हैं।आयोग ने औद्योगिक इकाइयों को पीएनजी में बदलने पर रिपोर्ट मांगी है। उधर फैक्टरी संचालकों का तर्क है कि पीएनजी महंगी है, जिस कारण से उत्पादन की लागत बढ़ेगी। हालांकि इससे प्रदूषण का स्तर कम होगा।
    चिमनियों का धुआं घोलता है हवा में जहर
    शहर में चल रहीं करीब 600 औद्योगिक इकाइयों में से सिर्फ 50 ही पीएनजी पर चलती हैं। इनके अलावा तारकोल, टायर जलाने, बैटरी गलाने वाली छोटी और अवैध इकाइयां अनगिनत है। इसे जहरीला धुआं उत्सर्जित होता है। हालांकि प्रदूषण के पीछे बड़ी वजह वाहनों से उत्सर्जित होने वाला धुआं भी है। दिवाली के आसपास पंजाब, हरियाणा और पश्चिमी उप्र में जलाई जाने वाली पराली की वजह से हालात और विकट हो जाते हैं।
    दमघोंटू हो रही मेरठ की हवा
    500 के पार पहुंच जाता है दिवाली पर यहां एक्यूआई
    250 दिन से ज्यादा मेरठ में खराब रहती है हवा
    0 से 50 के बीच अच्छा माना जाता है एक्यूआई
    200 के पार पहुंचते ही खतरनाक होने लगती है हवा
    आईआईए अध्यक्ष सुमनेश ने कहा कि काफी समय से पीएनजी की मांग कर रहे हैं। पीएनजी में आगरा की तर्ज पर इंडस्ट्री के लिए छूट मिलनी चाहिए।
    प्रदूषण कम करना मकसद
    क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण अधिकारी डा.योगेंद्र कुमार ने बताया कि वाहनों से प्रदूषण फैलाने वाले सभी कारकों पर काम चल रहा है। सिटी बस ट्रांसपोर्ट सिस्टम को भी इलेक्ट्रिक वाहनों पर ले जाया जा रहा है। मेरठ को 45 इलेक्ट्रिक बसें मिलनी है। जिे में करीब 70 सीएनजी बसें चल रही हैं। वहीं फैक्टरियां को पीएनजी में बदलने के लिए सितंबर तक का है।

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