Categories: विशेष

सदर में प्रगटोत्सव पर विश्व गुरु महायोगी गोरखनाथ से प्रार्थना देश कोरोना से हो मुक्त

मेरठ। कैंट स्थित सदर धर्मपुरी में गुरु परिवार द्वारा विश्व गुरु महायोगी गुरु गोरखनाथ जी का प्रगट उत्सव एवं अक्षय दिवस दीप प्रज्वलित कर हर्षोल्लास से मनाया गया लॉक डाउन के चलते सभी गुरु परिवार एवं गुरु सेवकों ने घर में रहकर सोशल डिस्टेंस का पालन करते हुए गुरु परिवार के सेवक योगी गौरव नाथ, अभिषेक, कुमारी अमिता सिंह, गीता देवी एवं अशोक टाइगर ने गुरु गोरखनाथ जी का स्थान फूलों से सजा कर कथा व आरती की।

गुरु जी को रोट चढ़ाया तथा भारत देश एवं विश्व में फैली वैश्विक महामारी कोरोना से मुक्ति के लिए गुरु गोरखनाथ जी से प्रार्थनाा की, वहीं गुरु सेवक गौरव नाथ ने नवनाथ चरित्र दर्शन एवं साक्षात्कार का पाठ करते हुए गुरु गोरखनाथ जी के प्रगट होने की कथा सुनाई उन्होंने बताया पूर्व कॉल सतयुग में जब गुहाटी कामाख्या जंगल में मछंदर नाथ जी ने घोर तपस्या करके (शिव)ओंकार आदिनाथ जी को प्रसन्न कर लिया और उन्हें अपने शिष्य के रूप में अवतार लेने का वर मांगा।

तब आदिनाथ जी (शिव) ने वचनबद्ध होते हुए कहा कि मैं अवश्य तुम्हारे शिष्य के रूप में प्रगट हो जाऊंगा। कहते है कैलाश लोक में एक बार शिव और शक्ति में विवाद हुआ, शक्ति का कहना था कि जहां-जहां आप हैं वहां-वहां मैं अवश्य हूं । मैं माया शक्ति सर्वत्र व्यापक हूं। 

सृष्टि मुझ माया बिन अधूरी है तब आदिनाथ जी ने कहा कि जहां जहां तुम हो वहां मैं अवश्य हूं किंतु जहां-जहां मैं हूं वहां-वहां तुम्हारा होना आवश्यक नहीं है । जैसे जहां-जहां घट है वहां -वहां मृतिका है किंतु जहां-जहां मृतिका है, वहां-वहां घट का होना आवश्यक नहीं है उन्होंने कहा एक समय अवश्य आएगा जब तुम मेरे ऐसे स्वरूप को देखोगी जो (आप) माया विरहित, माया से निर्लिप्त माया से परे होगा। तदनंतर एक बार ओंकार आदिनाथ जी हिमालय के अलख क्षेत्र वायु लोक में ध्यान में बैठे थे।
उन्होंने सोचा इस माया भ्रमित सृष्टि जगत के प्राणीयों को आत्म ज्ञान प्राप्त हो और वह अपने आप को परख कर मोक्ष मुक्ति मार्ग पर आरूढ़ हो जाएं। इसलिए मुझे सगुण रूप अवतार लेना होगा, जो प्राणियों को समूची संपूर्ण महायोग ज्ञान तथा आत्म ज्ञान एवं मोक्ष मुक्ति का अनुभव दे सके और ओमकार आदिनाथ जी ने अपने हृदय कमल से एक ज्योति उत्पन्न की और अपने ही नाथ स्वरूप को उस ज्योति में गोरक्षनाथ जी रूप में प्रगट्य किया, इस प्रकार माया से परे संपूर्ण जती सती रूप में अर्थात शंभू जत्ती गुरु गोरखनाथ जी का पर प्रगटन हुआ उन्हें ध्यान स्थित छोड़कर शिव आदिनाथ जी अंतरलीन हुए।

Send Your News to +919458002343 email to eradioindia@gmail.com for news publication to eradioindia.com

editor

पत्रकारिता में बेदाग 11 वर्षों का सफर करने वाले युवा पत्रकार त्रिनाथ मिश्र ई-रेडियो इंडिया के एडिटर हैं। उन्होंने समाज व शासन-प्रशासन के बीच मधुर संबंध स्थापित करने व मजबूती के साथ आवाज बुलंद करने के लिये ई-रेडियो इंडिया का गठन किया है।

Share
Published by
editor

Recent Posts

मेरठ प्रेस क्लब में 3 मार्च को भव्य होली मिलन समारोह

मेरठ प्रेस क्लब की कार्यसमिति की बैठक प्रेस क्लब भवन, मंगल पांडे नगर में संपन्न…

9 hours ago

सिपाही नितिन मलिक की थाना परिसर में अचानक तबियत बिगड़ने से मौत, पुलिस महकमे में शोक

किरतपुर। थाना परिसर में एक सिपाही की अचानक तबीयत बिगड़ने से मौत हो जाने से…

9 hours ago

खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने की छापामारी, मचा हड़कंप

किरतपुर। मंगलवार की दोपहर मैंन बाजार स्थित किराना की दो दुकानों पर खाद्य सुरक्षा विभाग…

10 hours ago

भोपाल में मुस्लिम लड़कियों ने हिंदू युवतियों से दोस्ती कर भाइयों से कराया दुष्कर्म

भोपाल में 'द केरल स्टोरी' जैसी साजिश का खुलासा हुआ है, जहाँ मुस्लिम युवतियों ने…

1 day ago

कैबिनेट ने श्रीनगर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर 1,677 करोड़ रुपए की लागत के सिविल एन्क्लेव के विकास को मंजूरी दी

प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल की आर्थिक मामलों की समिति ने मंगलवार…

1 day ago

शराबबंदी को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने बिहार सरकार को लगाई फटकार

सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को शराबबंदी मामलों की सुनवाई के लिए विशेष अदालतों के गठन…

2 days ago

This website uses cookies.