All India Lawyer Union Meerut ने मनाई सुभाष चंद्र बोस की जयंती
All India Lawyer Union Meerut ने आजादी के महान नायक नेताजी सुभाष चंद्र बोस के 125 वें जन्मदिन पर एक गोष्ठी का आयोजन महिला कक्ष कचहरी मेरठ में किया।
इस अवसर पर बोलते हुए मुनेश त्यागी ने कहा कि नेताजी सुभाष चंद्र बोस एक ऐसे भारत का सपना देखते थे जिसमें सब आजाद हो, सब बराबर हो, जिसमें गुलामी ना हो, जिसमें अन्याय ना हो, जिसमें दासता ना हो, जिसमें गैर बराबरी ना हो, जिसमें सब आजाद हों और इसी सपने को लेकर नेताजी सुभाष चंद्र बोस ने अपने जीवन का बलिदान कर दिया।
वे भारत को एक स्वाधीन लोकतांत्रिक धर्मनिरपेक्ष समाजवादी गणतंत्र बनाना चाहते थे। सुभाष चंद्र बोस हिंदू मुस्लिम एकता के सबसे बड़े पैरोकार थे। केपटाउन से जापान ले जाने के लिए उन्होंने अपने साथ आबिद हसन को लिया और जब तैवान से हवाई जहाज में उड़कर कॉमरेड स्टालिन से मिलने रुक जा रहे थे तो उनके साथ उनके परम विश्वसनीय हबीबुर्रहमान थे। उन्होंने जो अंतिम सरकार बनाई थी उसमें चार हिंदू थे चार मुसलमान थे।
उनका मानना था कि हिंदू मुस्लिम एकता के बिना बिना भारत कभी आजाद नहीं हो सकता। आज बड़े अचंभे की बात है कि इस देश को टुकड़ों टुकड़ों बांटने वाली सांप्रदायिक ताकतें सुभाष चंद्र बोस की जयंती को मनाने का नाटक कर रहे हैं। सुभाष चंद्र बोस गरीबी का खात्मा चाहते थे, शोषण का खात्मा चाहते थे, अन्याय, जुल्म ओ सितम और सब तरह की गुलामिओं का खात्मा चाहते थे। आज जब हम अपने चारों तरफ देखते हैं तो यह दिखाई देता है कि यह सुभाष चंद्र बोस के सपनों का भारत नहीं है। हमारी आजादी आज सुरक्षित नहीं है। हमें सुभाष चंद्र बोस के सपनों का भारत बनाने के लिए उनके सपनों पर उनकी विचारधारा पर चलना होगा और उनके संदेशों और विरासत को जनता के बीच ले जाना होगा।
गोष्ठी की अध्यक्षता करते हुए All India Lawyer Union Meerut के पदाधिकारी अब्दुल जब्बार ने कहा कि नेताजी सुभाष चंद्र बोस छात्र और नौजवानों को राजनीति में लाने के हिमायती थे, उनका कहना था कि हमें एक स्वतंत्रता सेना बनानी पड़ेगी पड़ेगी जो गांव, शहरों, किसानों, मजदूरों के बीच जाकर आजादी का परचम लहराकर जनजागृति पैदा करेगी।
उन्होंने कहा कि जब तक इस देश की हजारों साल पुरानी वंचित पिछड़ी और अभावग्रस्त जनता को सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक न्याय प्राप्त नहीं हो जाता तब तक वे आजाद नहीं हो सकते और तब तक उनके लिए आजादी के कोई मायने नहीं है।
इस अवसर पर जिला मंत्री राजकुमार गुर्जर ने कहा कि सुभाष चंद्र बोस का कहना था कि जब तक महिलाएं गुलाम रहेंगी तब तक हमारा देश आगे नहीं बढ़ सकता, हमें महिलाओं को आजादी देनी होगी। उन्हें आजादी के माहौल में आगे बढ़ने का मौका देना होगा।
उन्होंने कहा कि सुभाष चंद्र बोस का मानना था कि जो लोग इस देश में हिंदू मुस्लिम बंटवारे की बात कर रहे हैं, वे देश के हितेषी नहीं हो सकते। उन्होंने कहा कि ये साम्प्रदायिक ताकतें कल अंग्रेजों के साथ थी और आज वे अमेरिका के साथ मिलकर इस देश में खंड खंड करना चाहते हैं, इसको तोड़ना चाहते हैं, इसको हिंदू मुसलमान संघर्षों में लगाए रखना चाहते हैं, ऐसे लोग कभी भी भारत के, हिंदुस्तान के हितैषी नहीं हो सकते, भारत की जनता के, हिंदू और मुसलमान के वफादार और हितेषी नहीं हो सकते।
इस अवसर पर श्याम सिंह, सत्येंद्र सिंह, विजय शर्मा, पारुल रस्तोगी, ब्रह्मशिला, हेमचंद निमेश, आफाक खान, ब्रज पाल सिंह ब्रज, प्रवीण भारती, ब्रजवीर सिंह, राजकुमार गुर्जर, अब्दुल जब्बार खान और मुनेश त्यागी मौजूद थे।
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