Augharnath Temple Photos: देखें Best Pics व पढ़ें पूरी जानकारी 1 क्लिक पर
Augharnath Temple Photos: औघड़नाथ मंदिर मेरठ का सबसे प्रचलित मंदिर है इस मंदिर का दूसरा नाम काली पल्टन मंदिर भी है…. दूर-दूर से लोग इस मंदिर मे माथा टेकने के लिए आते है। मेरठ के सभी मंदिरों में प्रचलित औघड़नाथ मंदिर वैसे तो किसी परिचय का मोहताज नही है लेकिन इस मंदिर की खासियत क्या है, इसका नाम काली पल्टन क्यूं पड़ा इसके बारे में सभी को पता नही है तो चलिए हम आपको बताते है इस मंदिर का इतिहास….
कहा जाता है कि औघड़नाथ मंदिर का भारत की आज़ादी में काफी महत्वपूर्ण योगदान रहा है…. सन 1857 में भारत का प्रथम स्वतंत्रता संग्राम यहीं से शुरू हुआ था। सैनिको ने अपने युद्ध के ऑपरेशन की योजना भी इसी जगह बनाई थी। इस दौरान इस युद्ध में जो सैनिक शहीद हो गये थे उन्हे सम्मान देने के लिए बनाया गया ये एक स्मारक भी है। कहते हैं कि एक संत यहां रहा करते थे जिन्होने भारतीय सैनिकों से ब्रिटिश साम्राज्य को नष्ट करने के लिए कहा था और 10 मई 1857 को भारतीय नागिरकों ने अंग्रेजो से आज़ादी के लिए इसी जगह शपथ भी ली थी।
Augharnath Temple में स्थापित लधुकाय शिवलिंग स्वयंभूए फलप्रदाता तथा मनोकामनायें पूर्ण करने वाले औघड़दानी शिवस्वरूप हैं। इसी कारण इसका नाम औघड़नाथ शिव मन्दिर पड़ गया। लेकिन ब्रिटिश हुकूमत के दौरान भारतीय सेना को काली पल्टन कहा जाता था और काली पल्टन क्षेत्र में स्थित होने से इस मंदिर को काली पल्टन मन्दिर के नाम से भी जाने जाना लगा।
मान्यता है कि इस मंदिर में शिवलिंग स्वयंभू है… यानि यह शिवलिंग स्वयं पृथ्वी से बाहर निकला है तभी यह सद्य फलदाता है। भक्तों की मनोकामनाएं औंघड़दानी शिव स्वरूप में पूरी करने के साथ ही शांति का संदेश देते हैं। इसके साथ ही नटराज स्वरूप में क्रांति को भी प्रकाशित करते हैं। औघड़नाथ मंदिर हमारी संस्कृति और परंपराओं की धरोहर है। इसमें दो मंदिर हैं, भगवान शिव मंदिर और हाल ही में निर्मित श्री कृष्ण मंदिर। बड़ी संख्या में श्रद्धालु इस मंदिर में आस्था रखते है। इस मंदिर में सावन के महीने में भक्तों की काफी भीड़ देखने को मिलती है। कांवडिए हरिद्वार से गंगाजल लाकर शिवलिंग पर चढ़ाते है और मंदिर बम-बम भोले के उद्घोष से गूंज उठता है।
औघड़नाथ मंदिर (Augharnath Temple) एक हिंदू मंदिर है जो भगवान शिव को समर्पित है। यह उत्तर भारत में मेरठ, उत्तर प्रदेश में वेस्टेंड रोड के पास सदर बाज़ार में स्थित है। यह मंदिर श्वेत संगमरमर से निर्मित है जिस पर यथा स्थान उत्कृष्ट नक्काशी भी की गई है। बीच में मुख्य मंदिर बाबा भोलेनाथ एवं माँ पार्वती को समर्पित है जिसका शिखर अत्यंत ऊँचा है। उस शिखर के ऊपर कलश स्थापित है।
मंदिर के गर्भ गृह में भगवान एवं भगवती की सौम्य आदमकद मूर्तियाँ स्थापित हैं व बीच में नीचे शिव परिवार सिद्ध शिवलिंग के साथ विद्यमान है। इसके उत्तरी द्वार के बाहर ही इनके वाहन नंदी बैल की एक विशाल मूर्ति स्थापित है। गर्भ गृह के भीतर मंडप एवं छत पर भी काँच का अत्यंत ही सुंदर काम किया हुआ है।
Augharnath Temple के उत्तरी ओर ही दूसरा मंदिर राधा.कृष्ण को समर्पित हैए जिसका शिखर भी मुख्य मंदिर के समान ही ऊँचा है। इस मंदिर की परिक्रमा में कई सुंदर चित्र बने हुए हैं। गर्भ गृह में राधा कृष्ण की बहुत ही आकर्षक एवं भव्य मूर्तियाँ एक सुंदर रजत मंडप में स्थापित हैं। गर्भ.गृह के बाहर एक बड़ा मण्डप निर्मित है। मुख्य मंदिर के दक्षिण में ही सत्संग भवन बना हुआ है।
औघड़नाथ का मंदिर सप्ताह के सभी दिन खुला रहता है। कोई भी व्यक्ति किसी भी दिन सुबह 5 बजे से शाम 10 बजे तक दर्शन कर सकता है।
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