राजस्थान विधानसभा उपचुनाव में बीजेपी कई बार हार का सामना कर चुके प्रत्याशियों पर भी दांव खेल सकती है। पार्टी प्रदेशाध्यक्ष ने संकेत दिए हैं कि टिकट बांटने का एक ही फॉर्मूला होगा- जिताऊ उम्मीदवार।
इसके लिए पार्टी परिवारवाद और एक परिवार से एक टिकट के अपने नियम को भी दरकिनार करने को तैयार है। हारे हुए प्रत्याशियों को फिर से मौका देने के सवाल पर बीजेपी के प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ ने कहा- तब परिस्थितियां काफी अलग थीं। तब कांग्रेस ने भ्रम फैलाया था, यह समाज को तोड़ रहे हैं। यह आरक्षण को खत्म कर देंगे। यह संविधान को समाप्त कर देंगे, लेकिन अब वो भ्रम नहीं है। अब जनता समझ चुकी है। इसलिए न काहू से दोस्ती ना काहू से बैर।
परिवारवाद के सवाल पर मदन राठौड़ ने सीधे जवाब नहीं दिया। लेकिन उन्होंने संकेत दिए कि विशेष परिस्थितियों में टिकट दिया जा सकता है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस वायनाड से प्रियंका गांधी को टिकट दे रही है। सोनिया गांधी राज्यसभा से सांसद हैं। राहुल गांधी संसद में चले गए हैं। वे लोग परिवारवाद के बारे में हमसे नहीं पूछें।
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