कविता व गीत

एक अधुरी उड़ान

नन्ही-सी जान दुनिया में आती है, गिर-गिर कर नन्हे कदमों से चलना सीख जाती है। पा-पा से 'पापा', मा-मा से…

2 weeks ago

के, मैं जिंदा हूँ अभी

के, मैं जिंदा हूँ अभीशहीद दिवस पर शहीदों को प्रणाम शहीद के परिवार कोकुछ मुआवज़ा,और शहीद कोदो मिनट का मौन।बस,…

3 weeks ago

माँ और शिशु एक अटूट बंधन…!

स्तनपान सप्ताह पर विशेष (1 से 7 अगस्त) माँ और शिशु के बीच हैं एक अटूट बंधन,स्वास्थ्य आधार व भावनात्मक…

6 months ago

प्रकृति की नाराज़गी हैं भयंकर…!

नाराज़ प्रकृति की नाराज़गी हैं भयंकर,स्वार्थवश संसाधनों का 'दोहन' निरंतर।प्रकृति-मानव का संबंध सदियों पुराना,ऊपर उठाया लाभ चुरा लिया खजाना।पिघल रहे…

6 months ago

अनिवार्य और अतिरिक्त

ये कुछअतिरिक्त से लोग हीसही से समझ पाते हैंकविता की अनिवार्यता को ,अन्यथा कविताएं सिर्फपाठ्यक्रमों का ही हिस्सा बनी रहतीं…

8 months ago

सबको मिले हैं दुख यहां…

बहुत बेचैनियों भरी हैं ये सुकून की राहें ,रास्तों में ही उलझ रहा हूं‌ धागों की तरह !! समझो जरा…

8 months ago

समय-शायरी: अन्याय के खिलाफ़ हैं तो बोलिए ज़रूर

समय-शायरी में आज पढ़िये सुल्तानपुर जनपद के वरिष्ठ गजलकार डॉ. डीएम मिश्र की बेहतरीन गजल इतनी-सी इल्तिजा है चुप न…

9 months ago

समय-शायरी: रक्तदान

घायल फौजियों को रक्त की जरूरत है ,घायल फौजियों को रक्त की जरूरत है ,यह वाक्य जब बूढ़े के कानों…

9 months ago

पहलगाम हमले पर कविता

कायर बुझदिल पाकिस्तानी,हरकत करते हो बचकानी। मासूमों का रक्त बहाकर,पियोगे सिन्धू का पानी। मारा सबको धर्म पूछकर,कर डाली तूने मनमानी।…

10 months ago

Dr DM Mishra Sultanpur की नई क़िताब- सच कहना यूँ अंगारों पर चलना होता है

प्रोफेसर‌ शम्भु बादल Poet: Dr DM Mishra Sultanpur जैसे बीज अंकुरित हो धरती फोड़कर बाहर आता है ,आकार ग्रहण करता है ,…

12 months ago

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