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छठ पर सूर्य के इन 12 नामों को जपने से मिलता है पूण्य

छठ पर्व के अवसर पर देश के कोने-कोने में व्रत पउवास कर लोग अपने आस्था को जगा रहे हैं और इस दौरान माना जाता है कि दूबते हुए सूर्य को अर्घ्य देना पुण्यदायी होता है। तीसरे दिन बुधवार 10 नवंबर को डूबते हुए सूर्य को अर्घ्य दिया जाएगा और 11 नवंबर को उगते हुए सूर्य को अर्घ्य देने के साथ ही इस पर्व का समापन होगा।

इस दौरान सूर्य की पूजा का महत्व होता है और लोग सूर्य को फल आदि चढ़ाकर अपनी मनौती को पूरा करते हैं। ज्योतिष में कहा गया है कि छठ पर्व के तीसरे दिन सूर्यास्त के समय अर्घ्य देने के बाद सूर्य देव के 12 नामों का सुमिरन करने से अनेक फल मिलते हैं।

आईए जानते हैं कि सूर्य के किन 12 नामों का जप करने से छठ महापर्व का महत्व बढ़ जाता है और और वो कौन से नाम हैं जिन्हें जपने मात्र से सूर्यदेव प्रसन्न होते हैं-

  1. सूर्य: सूर्य का अर्थ है भ्रमण करने वाला, सूर्य को ग्रहों का राजा कहते हैं, सूर्य तमाम कष्टों को हरते हैं।
  2. भानु: भानु का अर्थ होता है तेज, सूर्य का तेज यानी प्रकाश सभी के लिए एक समान रहता है, इस वजह से सूर्य को भानु भी कहते हैं।
  3. आदित्य: सूर्य अदिति और कश्यप ऋषि की संतान माने गए हैं। सूर्य का एक नाम आदित्य उनकी माता के नाम पर रखा गया है, जिसका अर्थ है कि जिस पर किसी बुराई का असर न हो।
  4. दिनकर: वैसे तो इस नाम के भाव से ही अर्थ समझ आता है। इस नाम का अर्थ है दिन करने वाला। सूर्य उदय के साथ ही दिन की शुरुआत हो जाती है, इसलिए सूर्य को दिनकर भी कहते हैं।
  5. रवि: कहते हैं कि ब्रह्मांड की शुरुआत रविवार से ही हुई थी। वहीं ज्योतिष में रविवार का कारक ग्रह सूर्य को माना जाता है। इस वजह सूर्य का एक नाम रवि है।
  6. सप्तरथी: सूर्य सात घोड़ों के रथ पर सवार रहते हैं। इस वजह से इन्हें सप्त रथी कहा जाता है।
  7. सविता: सूर्य से प्रकाश उत्पन्न होता है और सविता का अर्थ है उत्पन्न करने वाला।
  8. दिवाकर: रात को समाप्त कर दिन की शुरुआत करने वाला यानि दिवाकर। इसलिए सूर्य देव को दिवाकर भी कहा जाता है।
  9. भुवनेश्वर: धरती पर राज करने वाला यानि भुवनेश्वर। सूर्य देव हरी पूरी पृथ्वी का संचालन करते हैं, इसलिए इन्हें धरती का राजा कहा जाता है।
  10. आदिदेव: ये पूरा ब्रह्मांड सूर्य की वजह से ही है। इस कारण सूर्य को पृथ्वी का आदिदेव कहा जाता है।
  11. रश्मिमते: रश्मि का अर्थ है किरणें और मते कहते हैं पुंज को। इस तरह इस नाम का अर्थ है हजारों किरणों का पुंज।
  12. प्रभाकर: सुबह को प्रभा भी कहते हैं। प्रभाकर यानी सुबह करने वाला।

Pratima Shukla

प्रतिमा शुक्ला डिजिटल पत्रकार हैं, पत्रकारिता में पीजी के साथ दो वर्षों का अनुभव है। पूर्व में लखनऊ से दैनिक समाचारपत्र में कार्य कर चुकी हैं। अब ई-रेडियो इंडिया में बतौर कंटेंट राइटर कार्य कर रहीं हैं।

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