संभल। संभल में इंटरनेट बंद रहेगा। हालांकि बाजार और स्कूल खुलेंगे। उधर, संभल में हिंसा घटना से जुड़ा एक और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। जिसमें उपद्रवी घटना दौरान कैमरे तोड़ते नजर आए हैं। विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडे ने प्रेस कांफ्रेंस कर पुलिस पर ही निशाना साधा।
उन्होंने कहा-संभल हिंसा की सही जानकारी मिल सके इसके लिए अखिलेश यादव ने एक प्रतिनिधि मंडल गठित किया था। मुझे वहां जाना था। सुबह 10 बजे निकलना था लेकिन डीजीपी ने आग्रह किया कि 3 दिन वहां न जाए। उनके आग्रह पर मैंने अपना कार्यक्रम स्थगित कर दिया। प्लेसेज ऑफ वर्शिप एक्ट को लेकर रणनीति बनाए।जब पहले से ये कानून है तो उस पर बवाल क्यों हो रहा है। उन्होंने कहा कि पुलिस दो तरह के असलहे रखती है। फंसने से बचने के लिए प्राइवेट असलहे का इस्तेमाल करती है। मैंने अपनी आंखों से प्राइवेट असलह साथ पुलिस को देखा है।
संभल हिंसा बाद से राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। विपक्ष के नेता बीजेपी सरकार समेत स्थानीय प्रशासन पर गंभीर आरोप लगा रहे हैं। इसी कड़ी में मैनपुरी से सांसद डिंपल यादव ने कहा कि प्रशासन घटना के लिए जिम्मेदार है।कई लोगों पर फर्जी मुकदमें किये जा रहे हैं।हमारे सांसद घटना के समय बेंगलुरु में थे। लेकिन उनका नाम भी शामिल किया गया। उधर, कांग्रेस नेता राहुल गांधी का दौरा कैंसिल हो गया। इलाके में 30 नवंबर तक बाहरी व्यक्ति की एंट्री पर रोक बरकरार रहेगी।
संभल में दूसरे दिन असर साफ दिखा है। अधिकांश बाजार बंद रहा। बाजारबंदी से व्यापारियों को नुकसान हुआ है। हालांकि प्रशासन की अपील के बाद कुछ दुकानें खुल जरूर गईं मगर बाजार सुनसान पड़ा रहा तनावपूर्ण माहौल के चलते बाजार में सुनसान छाया रहा।शहर के मुख्य बाजार समेत चौधरी सराय और मुरादाबाद रोड समेत अधिकांश बाजार बंद रहा। तनाव के चलते बेहद कम लोग ही अपने घरों से निकले। व्यापारी अपनी और अपनी दुकानों की सुरक्षा को लेकर चिंतित थे वहीं रोजीरोटी बंद होना भी उनकी परेशानी का सबब था।
इधर बाजारबंदी का सही संदेश न जाते देख एसडीएम, सीओ ने व्यापारियों को बुला कर बाजार खोलने आग्रह किया। व्यापारियों ने भी दुकानें ख़ोलने का भरोसा दिया मगर चंद ही दुकानें खुल सकीं। योगी सरकार मंत्री नितिन अग्रवाल ने दावा किया है कि संभल में हिंसा तुर्क सांसद जिया उर रहमान बर्क और स्थानीय पठान विधायक इकबाल महमूद बीच राजनीतिक वर्चस्व की वजह से हुआ। दोनों की लड़ाई में चार लोगों की मौत हो गई।
संभल में हुई हिंसा बाद अब पुलिस उन नकाबपोश उपद्रवियों की तलाश कर रही है, जिन्होंने जमकर उत्पात मचाया था। पुलिस के हाथ कई ऐसे वीडियो लगे हैं। कोर्ट आदेश बाद जामा मस्जिद सर्वे के दौरान हुई हिंसा की मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दिए गए हैं। डीएम ने जांच कमेटी गठित कर सात दिन में रिपोर्ट सौंपने का आदेश दिया है।
उधर संभल हिंसा पर सियासत भी शुरू हो गई है।समाजवादी पार्टी का एक डेलीगेशन जल्द ही संभल जाएगा। राज्यसभा सांसद जावेद अली ने बताया कि विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय और विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष लाल बिहारी यादव के नेतृत्व में यह प्रतिनिधिमंडल पीड़ितों से मुलाक़ात कर उनका दुख-दर्द बांटेगा।
इस बीच संभल हिंसा में पर डीएम और पुलिस अधीक्षक ने खुलासा किया है कि पूरी घटना सुनियोजित थी।रात में ही इसकी स्क्रिप्ट लिखी जा चुकी थी। हिंसा के लिए व्हाट्सऐप मैसेज भेजकर मस्जिद के पास भीड़ बुलाई गई थी। डीएम के मुताबिक भीड़ का निशाना पुलिस थी।गौरतलब है कि संभल हिंसा में चार लोगों की मौत हो गई जबकि कई अन्य घायल हैं। संभल हिंसा के बाद पुलिस ने 25 लोगों को गिरफ्तार किया है, जिनमें दो महिलाएं भी शामिल है।
पुलिस अधीक्षक (एसपी) कृष्ण कुमार विश्नोई ने बताया कि जिन लोगों ने नुकसान किया है, उनसे एक-एक पाई वसूली जाएगी। संभल में पुलिस ने सिर्फ ‘प्लास्टिक बुलेट’ का इस्तेमाल किया और पुलिस की गोली से किसी की मौत नहीं हुई।
उन्होंने बताया कि संभल में पुलिस पूरी तरह मुस्तैद है, जगह-जगह चौराहों पर पुलिस बल तैनात है और कई जगह त्वरित प्रतिक्रिया बल भी तैनात है।
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