सचिव अवनीश अवस्थी, डीजीपी हितेश चंद्र पहुंचे पीड़िता के गांव

  • संवाददाता || ई-रेडियो इंडिया

Hathras Case in Hindi: यूपी के मुख्य गृह सचिव अवनीश अवस्थी हाथरस पीड़िता (Hathras Victim Home) के घर पहुंचे हैं। साथ ही डीजीपी हितेश चंद्र भी हाथरस के लिए रवाना हो चुके हैं. माना जा रहा है कि दोनों पीड़ित परिवार से मुलाकात करने आ रहे हैं। पीड़िता के भाई ने बताया कि डीएम प्रवीण कुमार ने परिवार की महिलाओं को धमकाया।

डीएम पर परिवार ने कई तरह के आरोप लगाए हैं। पीड़िता (Hathras Victim Home) का बयान चैनल पर दिखाने के बाद बीजेपी नेता विनय कटियार ने फोन काट दिया। उन्होंने अपने बयान में कहा कि लड़की के साथ कोई रेप नहीं हुआ है। योगी राज में कोई गड़बड़ी नहीं हो सकती है।

Hathras Case in Hindi: विनय कटियार घबराये काट दिया फोन

हाथरस मामले में बीजेपी नेता विनय कटियार ने कहा है कि मेडिकल रिपोर्ट में रेप की पुष्टि नहीं हुई है. ये सब बेकार की बातें हैं। हाथरस में मीडिया को एक बार फिर से रोकने की कोशिश की गई है। अधिकारियों का हवाला देकर पुलिस ने मीडिया को पीड़िता (Hathras Victim Home) के घर से बाहर जाने के लिए कहा गया है। परिवार ने मुख्य गृह सचिव और डीजीपी से अकेले में बात करने से इंकार कर दिया है।

स्मृति ईरानी ने कही ये बात

स्मृति ईरानी ने कहा कि अधिकारियों पर कार्रवाई की भी गई है। मोदी सरकार महिला सुरक्षा के लिए काम कर रही है। केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने कहा है कि हाथरस में पीड़िता को जरूर न्याय मिलेगा। उन्होंने कहा कि SIT जांच के बाद अधिकारियों पर कार्रवाई होगी।

परिवार का आरोप है कि हम पर प्रेशर बनाया गया। हमें घर से बाहर नहीं निकलने दिया. घर में सब्जी और दूध भी नहीं लाने दी। छोटे-छोटे बच्चे दूध मांगते रहे। हमें अस्थियां तक लेने जाने नहीं दिया गया।

पत्रकारों को 72 घंटे बाद मिली गांव जाने की इजाजत

Hathras Case in Hindi: आखिरकार जब आज पत्रकारों की आवाज रंग लाई है और 27 घंटे के बाद हाथरस की पीड़िता के गांव मीडिया को जाने की छूट मिल गई है। इस दौरान कल आपने देखा था कि किस तरह से पीड़िता के परिवार का एक बच्चा जो यह कह रहा था कि घर में पुलिस वालों ने परिजनों को बंधक बना रखा और उनके फोन को जप्त किया हुआ है।

डीएम ने धमकाया और दिया मुआवजे का ताना

आज पत्रकारों से बात करते हुए पीड़िता की बहन ने कहा है कि डीएम ने उन्हें धमकाया है और उन्होंने यह भी कहा था कि अगर यह पीड़िता कोरोना काल में मरती तो इसे मुआवजा भी नहीं मिलता। पीड़िता की मां ने बेटी के शव को घर लाने की गुजारिश की थी जिसे प्रशासन ने ठुकरा दिया। परिवार को अपनी बेटी की अंतिम विदाई देने की इजाजत नहीं दी गई। पीड़िता के पिता के हालात खराब है। प्रशासन ने किसी से बात करने पर बैन लगाया हुआ था और परिजनों का आरोप है कि पुलिस ने परिवार वालों के साथ मारपीट की है और उन्हें पुलिस पर भरोसा कतई नहीं है।

डीएम #DMhathras बोले पोस्टमार्टम में चेहरा नहीं देख सकती

पीड़िता की मां ने शव को घर लाने की बात कही तो प्रशासन ने मांग ठुकरा दी इसके बाद चेहरा दिखाने के बाद की गई तो डीएम ने कहा किस का पोस्टमार्टम हुआ है आप चेहरा नहीं देख पाएंगे इसलिए बेटी के अंतिम दर्शन भी नहीं करने दिया।

परिवार वालों ने मांग की है कि पुलिस को यह बताना चाहिए कि उन्होंने किसी जलाया शायद उसमें उनकी बेटी नहीं थी। इसके पीछे पुलिस की यह प्रशासन की कोई बड़ी चाल है। पुलिस को यह बताना चाहिए कि उसने किसके इशारे पर ऐसा किया।

Hathras Case in Hindi
Hathras Case in Hindi

 परिवार नहीं जा रहा अस्थियां चुनने

परिजनों का आरोप है कि जिस स्थान पर उसके बेटी का दाह संस्कार पुलिस वालों ने जबरन कर दिया क्या पता वहां उसी की बेटी का दाह संस्कार किया गया यह किसी और का। इसी भ्रम में वह अस्थियों को चुनने के लिए भी नहीं जा रहे हैं।

फजीहत के बाद योगी सरकार ने की है कार्रवाई

पूरे देश में हाहाकार मचने के बाद योगी सरकार ने एसआईटी का गठन किया था इस आईटी के प्राथमिक जांच के आधार पर हाथरस के एसपी, डीएम, क्षेत्राधिकारी सहित 8 पुलिसकर्मियों को सस्पेंड किया गया था। बरहाल हाथरस में विनीत जायसवाल को एसपी बनाया गया है।

नारको टेस्ट दोनों पक्षों का होगा

शासन की तरफ से गैंगरेप की पीड़िता के परिजनों और आरोपियों का नारको टेस्ट कराने का भी निर्देश दिया गया है और कहा गया है कि केस में किसी भी सूरत में दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा और सख्त कार्रवाई होगी।

आपको बता दें कि हाथरस जाते समय कांग्रेस के पूर्व महासचिव राहुल गांधी को पुलिस ने धक्का-मुक्की कर नीचे गिरा दिया था, इसके अलावा कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर लाठीचार्ज का भी प्रयोग किया गया। यही नहीं दिल्ली के जंतर मंतर से लेकर लखनऊ के विधानसभा भवन तक समाजवादी पार्टी के अलावा अन्य राजनीतिक दलों ने बढ़-चढ़कर इस कांड का विरोध किया और अधिकारियों की लापरवाही की निंदा की।

पूरे देश में एक सुर में बलात्कारियों को फास्ट ट्रैक कोर्ट के जरिए सुनवाई कर फांसी देने की सजा की मांग की जा रही है हालांकि कुछ लोगों का मानना है कि इस कांड के पीछे आपसी रंजिश है और इस रंजीत के कारण ही इसको इतना बड़ा कांड बना दिया गया है।




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