#ICMR का दावा, अक्टूबर में ‘बिलबिलायेंगे’ कोरोना के मरीज, नहीं मिलेगा इलाज का रास्ता

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  • संंवाददाता, ई-रेडियो इंडिया

नई दिल्ली। कोरोना के मामले भारत में तेजी से बढ़ रहे हैं और ऐसे में अब एक नई रिपोर्ट ने चौंका दिया है। दरअसली ICMR की नई स्टडी के अनुसार देश में कोरोना वायरस के मामले अक्टूबर माह की शुरुआत तक बढ़ते रहेंगे।

स्टडी में कहा गया है कि राष्ट्रव्यापी लॉकडाउन के चलते भारत में कोरोना संक्रमण चरम पर पहुंचने की समयवधि 34-76 दिन आगे शिफ्ट हो गई है। इसके अनुसार, यदि लॉकडाउन नहीं होता तो देश में कोरोना के मामले जुलाई के मध्य में चरम पर होते। 

Indian Coucil of Medical Reserach यानी #ICMR ने पीजीआई चंडीगढ़ और नेशनल कोविड 19 टास्कफोर्स- ऑपरेशन रिसर्च ग्रुप के साथ मिलकर यह स्टडी की है। स्टडी का कहना है कि भारत में लॉकडाउन के बाद जब से इकॉनोमी को फिर से शुरू करने की कोशिश हो रही है, तब से मुंबई, दिल्ली और चेन्नई में कोरोना के मामले तेजी से बढ़े हैं। 
स्टडी के अनुसार, भारत में कोविड19 का मोर्टेलिटी रेट प्रति एक हजार पर 1.6 मौत का है। बताया गया है कि मौजूदा आइसोलेशन वार्ड, आईसीयू बेड और वेंटीलेटर्स सिर्फ सितंबर के तीसरे हफ्ते तक भर जाएंगे। स्टडी में बताया गया है कि मौजूदा परिदृश्य में सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवाओं को 60 फीसदी तक प्रभावी बनाने का प्रयास नवंबर के पहले हफ्ते तक पूरा हो सकेगा। कोरोना के बढ़ते मामलों के बीच स्वास्थ्य विशेषज्ञों की चिंता इस बात को लेकर है कि दिल्ली, मुंबई जैसी जगहों पर पहले से ही अस्पताल कोरोना मरीजों से भर चुके हैं और अब ये बेड और वेंटिलेटर्स की कमी से जूझ रहे हैं। दिल्ली सरकार के मुताबिक इसी रफ्तार से दिल्ली में केस बढ़ते रहे तो जुलाई के अंत तक राजधानी में 80 हजार बेड की जरुरत होगी।

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