United States and India leaders shaking hands on a deal
ई रेडियो इंडिया
अमेरिका ने चीन और भारत के बीच बातचीत का सर्मथन किया है। उसका कहना है कि सीमा विवाद को खत्म करने के लिए दोनों देशों के बीच बातचीत होना जरूरी है। हालांकि बाइडन प्रशासन का यह भी कहना है कि बीजिंग इन वार्ताओं को गंभीरता से ले रहा है लेकिन इसके सबूत बहुत कम मिले हैं। जो दिख रहा है वह इसके उलट है। हम वास्तविकता नियंत्रण रेखा पर होने वाले हस्तक्षेप को नियमित देख सकते हैं।
लू ने कहा कि चीन और भारत का कैसा भी संबंध हो लेकिन अमेरिका भारत के साथ हमेशा खड़ा है। भारत हम पर पूरा भरोसा रख सकता है। उन्होंने कहा कि हमने गलवान संकट के दौरान 2020 में अपनी दोस्ती का सबूत दिया था। हम भारत के साथ आने वाले वर्षों में और अवसर तलाशेंगे और रिश्ते को आगे बढ़ाएंगे। लिसा कर्टिस ने एक रिपोर्ट जारी की थी उसमें कहा गया कि अमेरिका उस भूमिका पर विचार करता है जिसमें वह भारत के साथ संबंधों को सुधार सके। साथ ही लिखा की अमेरिका को बारीकी से निगरानी करनी चाहिए और भविष्य में भारत-चीन सीमा संकट पर तुरंत प्रतिक्रिया देने के लिए तैयार रहना चाहिए।
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