Maa Skandamata Arti || Skandamata Mantra || 5th Day of Navratri

Maa Skandamata Arti || Skandamata Mantra, पूजा विध

  • संवाददाता || ई-रेडियो इंडिया

Maa Skandamata Arti || Skandamata Mantra: नवरात्रि के पांचवें दिन मां स्कंदमाता की पूजा की जाती है और ऐसे समय को नवरात्रि की पंचमी भी कहा जाता है। मां स्कंदमाता की पूजा करने से शरीर में शांति का संचार होता है और जो भक्त दिल से मां को याद करते हैं उनकी मनोकामना शत-प्रतिशत पूरी होती है, ऐसी मान्यता है।

नवरात्रि के 9 दिनों में अलग-अलग शक्तियों की पूजा की जाती है और ऐसे में हमें किन बातों का ध्यान रखना चाहिए कि मंत्रों से मां के किस रूप की पूजा की जाती है इसके बारे में हम लगातार आपको बताते आ रहे हैं। आज आपको बताएंगे मां स्कंदमाता की पूजा कैसे करें, खास मंत्र कौन सा है जिसका जब करना है और किन बातों का ख्याल रखना है।

स्कंदमाता की सवारी शेर होती है, ज्योतिष के अनुसार कुंडली में कमजोर बृहस्पति ग्रह के कारण जिन लोगों में जीवन का स्तर कमजोर रहता है उन्हें मां स्कंदमाता की विशेष कृपा से जीवन को जीने की जिजीविषा होती है और वह आगे बढ़ते हैं। कहते हैं कि वृहस्पति ग्रह शिक्षा, उच्चपद और मान सम्मान का कारक है, ऐसे में अगर इस ग्रह को संतुलित करना है तो मां स्कंदमाता की पूजा सबसे फलदाई मानी गई है।

संतान प्राप्ति का सुखद माध्यम स्कंदमाता

कहते हैं कि मां स्कंदमाता की पूजा करते समय उनकी गोद में बैठे हुए कार्तिकेय भगवान का भी ध्यान करना चाहिए, इससे मां स्कंदमाता निसंतान लोगों को संतान सुख भोगने का मौका देती हैं। कार्तिकेय की पूजा से मंगल भी मजबूत होता है, मां स्कंदमाता को सुख शांति की देवी माना गया है।

कैसे करें स्कंदमाता माता की पूजा

  • सबसे पहले शारीरिक और मानसिक शुद्धि धारण करें।
  • पुष्प, नवैद्द, धूप, कपूर और मौसमी फल, केला व चने का भोग लगायें।
  • इस दिन पीले रंग के कपड़े पहनकर माता की पूजा करें।
  • मां स्कंदमाता का ध्यान लगाकर मन में किसी भी तरह का संकल्प ले।
  • मां स्कंदमाता के मंत्र का जाप करें।
  • स्कंदमाता की पूजा के दौरान सप्तशती का पाठ करना भी शुभ माना जाता है।
  • मां स्कंदमाता की आरती के साथ पूजा का समापन करें और श्रद्धा से साष्टांग दंडवत करें।

स्कंदमाता का पूजा मंत्र || Skandamata Mantra

  • या देवी सर्वभू‍तेषु मां स्कन्दमाता रूपेण संस्थिता। नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥
  • महाबले महोत्साहे. महाभय विनाशिनी। त्राहिमाम स्कन्दमाते. शत्रुनाम भयवर्धिनि।
  • ओम देवी स्कन्दमातायै नमः॥
Maa Skandamata Arti || Skandamata Mantra || 5th Day of Navratri
Maa Skandamata Arti || Skandamata Mantra || 5th Day of Navratri

माता स्कंदमाता की आरती || Maa Skandamata Arti

जय तेरी हो स्कंद माता। पांचवा नाम तुम्हारा आता।।

सब के मन की जानन हारी। जग जननी सब की महतारी।।

तेरी ज्योत जलाता रहूं मैं। हरदम तुम्हें ध्याता रहूं मैं।।

कई नामों से तुझे पुकारा। मुझे एक है तेरा सहारा।।

कहीं पहाड़ों पर है डेरा। कई शहरो मैं तेरा बसेरा।।

हर मंदिर में तेरे नजारे। गुण गाए तेरे भगत प्यारे।।

भक्ति अपनी मुझे दिला दो। शक्ति मेरी बिगड़ी बना दो।।

इंद्र आदि देवता मिल सारे। करे पुकार तुम्हारे द्वारे।।

दुष्ट दैत्य जब चढ़ कर आए। तुम ही खंडा हाथ उठाए।।

दास को सदा बचाने आई। ‘चमन’ की आस पुराने आई।।




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