पटना। पूर्व उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने कहा कि राजभवन और शिक्षा विभाग के बीच लंबे समय से जारी टकराव बिहार के शैक्षणिक वातावरण पर प्रतिकूल प्रभाव डाल रहा है। इसका समाधान करने के लिए शिक्षा मंत्री को यथाशीघ्र हस्तक्षेप करना चाहिए। गुरुवार को सुशील मोदी ने कहा कि राजभवन की सहमति के बिना कुलपतियों की बैठक बुलाना और उसमें शामिल न होने वालों के वेतन रोकने जैसी कड़ी कार्रवाई करना दुखद है।
उन्होंने कहा कि स्कूल में पढाई और छुट्टी की अवधि को लेकर भी स्थिति को तनावपूर्ण बनाना उचित नहीं था। शिक्षक संगठनों और विपक्ष की इच्छा के अनुरूप जब मुख्यमंत्री ने पूर्वाह्न 10 बजे से अपराह्न 4 बजे तक विद्यालय चलाने का समय घोषित कर दिया, तब इसका अक्षरशः पालन होना चाहिए था।
उन्होंने कहा कि राजभवन की मर्यादा और मुख्यमंत्री के आदेश का पालन कराना कार्यपालिका का कर्तव्य है। इसमें टकराव-अवज्ञा के लिए कोई स्पेस खोजना और फिर उसे प्रतिष्ठा का प्रश्न बनाना किसी भी अधिकारी के लिए शोभनीय नहीं हो सकता।
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