Ram Janki Mandir Samodhpur पर विशाल अन्नकूट में उमड़ा जनसैलाब
Ram Janki Mandir Samodhpur पर आयोजित भव्य अन्नकूट महोत्सव ने एक बार फिर यह सिद्ध किया कि यह मंदिर सिर्फ आस्था का केंद्र नहीं, बल्कि सामाजिक एवं सांस्कृतिक एकता का प्रतीक है। Ram Janki Mandir Samodhpur में हर वर्ष दीपावली के तीसरे दिन पारंपरिक रूप से आयोजित अन्नकूट भंडारे में इस वर्ष भी हजारों श्रद्धालुओं ने भाग लिया और भगवान श्रीराम एवं माता जानकी का आशीर्वाद प्राप्त किया। Ram Janki Mandir Samodhpur की यह धार्मिक परंपरा पूरे क्षेत्र में सामाजिक सद्भाव और धार्मिक उत्साह का संदेश देती है।
Ram Janki Mandir Samodhpur में अन्नकूट महोत्सव का शुभारंभ शाम आरती और पूजा-अर्चना के साथ हुआ। शंखनाद, घंटानाद और भजन की धुनों के बीच भक्तों ने भगवान श्रीराम और माता सीता की आरती उतारी। मंदिर प्रांगण में दीपों की लौ और भक्ति भाव से भरा वातावरण अद्वितीय आध्यात्मिक ऊर्जा का अनुभव करा रहा था। Ram Janki Mandir Samodhpur को क्षेत्र का सबसे प्राचीन और चमत्कारी धाम माना जाता है, जहां प्रत्येक श्रद्धालु की मनोकामना पूर्ण होती है।
अन्नकूट आयोजन में वरिष्ठ एडवोकेट ओ.पी. सिंह प्रयागराज, शशि सिंह, विनोद सिंह, समाजसेवी संजय सिंह, पूर्व प्रधान जितेंद्र प्रताप सिंह, रणजीत सिंह, सतेन्द्र सिंह, मनजीत सिंह मोनू, रणंजय सिंह टोनू एवं एडवोकेट सोमेश सिंह ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। Ram Janki Mandir Samodhpur की इस धार्मिक परंपरा को सफल बनाने में स्थानीय जनप्रतिनिधियों और ग्रामवासियों का विशेष योगदान रहा, जो दर्शाता है कि मंदिर केवल पूजा स्थल नहीं बल्कि समाज को जोड़ने वाला केंद्र है।
इस विशाल अन्नकूट में जनार्दन मौर्य, रामचरन कोटेदार, मतन राम, जगत ठेकेदार, जेपी गुप्ता, प्रधान प्रतिनिधि अमरनाथ, पत्रकार सुरेश कुमार कनौजिया, अशोक कुमार मुंशी तथा सुखई सहित एक हजार से अधिक लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया। Ram Janki Mandir Samodhpur में बना प्रसाद श्रद्धालुओं ने प्रसन्नता के साथ ग्रहण किया और मंदिर समिति की सराहना की कि उन्होंने वर्षों पुरानी परंपरा को भव्य रूप में जीवित रखा।
Ram Janki Mandir Samodhpur सिर्फ एक मंदिर नहीं, बल्कि एक आस्था का तीर्थस्थल है। मान्यता है कि यहां भगवान श्रीराम, माता जानकी और भाई लक्ष्मण ने वन गमन के समय विश्राम किया था। कथा अनुसार, इस मंदिर में दर्शन मात्र से पापों का नाश होता है और भक्तों को संतान, स्वास्थ्य एवं समृद्धि की प्राप्ति होती है।
इस बार आयोजित अन्नकूट महोत्सव में मंदिर की परंपरा, भक्ति और सेवा तीनों का अद्भुत समन्वय देखने को मिला। अन्नकूट का प्रसाद ग्रहण कर भक्त भाव-विभोर हुए और भगवान से लोक-कल्याण की प्रार्थना की।
Ram Janki Mandir Samodhpur में अन्नकूट के दौरान कई भक्तों ने भावुक होकर कहा कि यह आयोजन केवल भोजन वितरण नहीं, बल्कि आध्यात्मिक चेतना का प्रसार है। यहां आने से मन को शांति मिलती है और भगवान की कृपा से जीवन में समृद्धि आती है।
Ram Janki Mandir Samodhpur का यह अन्नकूट महोत्सव भक्ति, सेवा और संस्कृति का अद्वितीय संगम है। मंदिर समिति द्वारा हर वर्ष इसे और अधिक भव्य रूप देने का संकल्प लिया गया है।
Ram Janki Mandir Samodhpur की यह दिव्य परंपरा न केवल क्षेत्र के लोगों को जोड़ रही है बल्कि पूरी तहसील के धार्मिक मानचित्र पर इसे विशेष स्थान भी प्रदान कर रही है।
भोपाल में 'द केरल स्टोरी' जैसी साजिश का खुलासा हुआ है, जहाँ मुस्लिम युवतियों ने…
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल की आर्थिक मामलों की समिति ने मंगलवार…
सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को शराबबंदी मामलों की सुनवाई के लिए विशेष अदालतों के गठन…
मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार ने मंगलवार को राष्ट्रीय गोलमेज सम्मेलन का उद्घाटन किया।…
ग्लोबल निवेशकों का भरोसा: जेवर एयरपोर्ट के दो प्रोजेक्ट्स को 4,458 करोड़ रुपये के निवेश…
मेरठ। चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय, मेरठ के भौतिकी विभाग के शोधार्थी पवन कुमार ने अंतरराष्ट्रीय…
This website uses cookies.