योग-प्राणायाम व स्वामी सत्यप्रकाश की 115वीं जयंती पर गोष्ठी संम्पन्न

  • रीढ़ की हड्डी का लचीलापन अच्छे स्वास्थ्य की निशानी: योगाचार्य डॉ वरुण वीर
  • वेदों व विज्ञान का समन्वय थे स्वामी सत्यप्रकाश सरस्वती: राष्ट्रीय अध्यक्ष अनिल आर्य

गाज़ियाबाद। केन्द्रीय आर्य युवक परिषद के तत्वावधान में “प्राणायाम-योग व वैदिक विद्धवान, वैज्ञानिक स्वामी सत्यप्रकाश सरस्वती की 115वीं जयंती” पर ऑनलाइन गोष्ठी गूगल मीट पर आयोजित की गई हैं, कोरोना काल में परिषद का यह 94वां वेबिनार था।

योगाचार्य डॉ वरुण वीर (आर्यन आर्ट गैलरी) ने कहा कि योग व प्राणायाम को दैनिक जीवन का अंग बनाने से शारीरिक व मानसिक क्षमता बढ़ जाती है और शरीर रोगों से मुकाबला कर सकता हैं। प्राणायाम के नियमित अभ्यास से मनुष्य की बहत्तर हज़ार नस-नाड़ियों में शुद्ध रक्त का संचार होने लगता हैं, जो उत्तम स्वास्थ्य के लिए अत्यावश्यक हैं। उन्होंने कहा कि यदि हमारे पाचन तंत्र व स्नायु तंत्र ठीक हैं, तो हम अनेकों रोगों से दूर रहेंगे। उन्होंने कहा कि यदि रोगप्रतिरोधक क्षमता का विकास करना हैं, तो रीढ़ की हड्डी को लचीला बनाने वाले आसनो का नियमित अभ्यास करना आवश्यक हैं। हमारे ऋषि मुनि पुरातन काल में योग प्राणायाम से ही दीर्घ आयु व अच्छा स्वास्थ्य बनाये रखते थे।

केन्द्रीय आर्य युवक परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष अनिल आर्य ने कहा कि आज डॉ. सत्यप्रकाश (स्वामी  सत्यप्रकाश सरस्वती) की 115वीं जयंती हैं। चारों वेदों का अंग्रेजी में अनुवाद और मानक हिन्दी अंग्रेजी कोश का सम्पादन उनके द्वारा किये गये उल्लेखनीय कार्य हैं।संन्यास के बाद का लेखन वैदिक साहित्य आर्य समाज और स्वामी दयानन्द विषयक रहा हैं। स्वामी सत्यप्रकाश वैज्ञानिक विचारक चिन्तक संन्यासी थे। वें अपने विचारों को लेखों और भाषणों के माध्यम से सरल ढंग से व्यक्त भी करते थे।

उन्होंने कहा कि स्वामी जी की रेडियो वार्तायें तथा पत्र पत्रिकाओं में प्रकाशित लेख हैं, जिनका संकलन और प्रकाशन अभी शेष हैं, उसे आर्य समाज के वैदिक विद्धानों को रुचि लेकर प्रकाशित करवाने की व्यवस्था करनी चाहिए। उन्होंने इलाहाबाद व फिर आर्य समाज मंदिर मार्ग, दिल्ली में जीवन का बहुत समय व्यतीत किया। मुख्य अतिथि ठा. विक्रम सिंह (अध्यक्ष राष्ट्र निर्माण पार्टी) ने परिषद के समस्त अधिकारियों  को सफल आयोजन के लिए शुभकामनाएं प्रदान की हैं।

गोष्ठी अध्यक्ष आर्य केन्द्रीय सभा फरीदाबाद के प्रधान डॉ गजराज सिंह आर्य ने भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में अग्रिम भूमिका निभाने वाली महान महिला क्रांतिकारी मैडम भीकाजी कामा की जयंती एवं बंगाली महिला क्रांतिकारी प्रीतिलता वदेदार की पुण्यतिथि पर श्रद्धा सुमन अर्पित करते हुए स्मरण किया और देश भक्ति की भावना सीखने का आह्वान भी किया।

प्रान्तीय महामंत्री प्रवीण आर्य ने कहा कि प्राणायाम का दैनिक अभ्यास तनाव, अस्थमा और हकलाने से संबंधित विकारों से छुटकारा दिलाने में सहयोगी हैं, प्राणायाम के अभ्यास से स्थिर मन और दृढ़ इच्छा-शक्ति प्राप्त होती हैं, जिससे अवसाद का उपचार भी किया जा सकता है।

योगाचार्य सौरभ गुप्ता ने कहा कि नियमित प्राणायाम आहार और मन के प्रतिबंधों का पालन करने और आसन में उचित प्रशिक्षण प्राप्त करने में सहायक हैं। गायिका वीना वोहरा, नरेन्द्र आर्य, “सुमन” उर्मिला आर्या (गुरुग्राम), संध्या पाण्डेय, प्रतिभा सपरा, अनिता आर्या, सुशांता आर्या, सुधा खेड़ा, विजय हंस आदि ने गीत सुनाये। आचार्य महेन्द्र भाई, राजश्री यादव, यशोवीर आर्य, सुरेन्द्र शास्त्री, रविन्द्र गुप्ता, देवेन्द्र गुप्ता, मृदुला अग्रवाल, सुलोचना देवी आदि उपस्थित थे।




email: eradioindia@gmail.com || info@eradioindia.com || 09458002343

अगर आप भी अपना समाचार/ आलेख/ वीडियो समाचार पब्लिश कराना चाहते हैं या आप लिखने के शौकीन हैं तो आप eRadioIndia को सीधे भेज सकते हैं। इसके अलावा आप फेसबुक पर हमें लाइक कर सकते हैं और टि्वटर पर फॉलो कर सकते हैं। मेरी वीडियोस के नोटिफिकेशन पाने के लिए आप यूट्यूब पर हमें सब्सक्राइब करें। किसी भी सोशल मीडिया पर हमें देखने के लिए टाइप करें कि eRadioIndia.

https://eradioindia.com/work-with-us/
Don't wait just take initiation

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *