संवाददाता, ई रेडियो इंडिया
नरमी का कोई संकेत न दिखाते हुए किसान संगठनों ने घोषणा की है कि वो न्यूनतम समर्थन मूल्य यानी एमएसपी की गारंटी देने संबंधी कानून के लिए दबाव बनाने के वास्ते लखनऊ में महापंचायत के साथ ही अपने निर्धारित विरोध प्रदर्शनों पर अडिग हैं।
वहीं, केंद्र सरकार तीन कृषि कानूनों को निरस्त करने की उनकी मांग को पूरा करने के लिए संसद में विधेयक लाने की तैयारी कर रही है. तीन कृषि कानूनों को रद्द करने से संबंधित विधेयकों को मंजूरी दिए जाने पर बुधवार को केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा विचार किए जाने की संभावना है ताकि उन्हें संसद के आगामी शीतकालीन सत्र में पेश किया जा सके।
आंदोलन का नेतृत्व कर रहे संयुक्त किसान मोर्चा ने कहा कि वो अपने निर्धारित विरोध प्रदर्शन जारी रखेंगे, जिसमें कृषि कानून विरोधी प्रदर्शनों का एक साल पूरा होने के उपलक्ष्य में 29 नवंबर को संसद तक मार्च भी शामिल है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुक्रवार को राष्ट्र के नाम अपने संबोधन में तीन कृषि कानूनों को निरस्त करने की घोषणा किए जाने के बाद अपनी पहली बैठक में आंदोलनकारी किसान संगठनों के निकाय ने यह निर्णय लिया।
कृषि कानूनों के अलावा किसानों के अभी और कई मसले हैं। राकेश टिकैत का कहना है कि उन किसानों का क्या जो आंदोलन में शहीद हो गए। शहीद किसानों के लिए स्मारक बनवाया जाए। MSP गारंटी कानून बने और गृह राज्यमंत्री अजय मिश्र को बर्खास्त किया जाए। सरकार से टेबल पर बैठकर बातचीत के बाद ही घर वापसी होगी।
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