poem on pahalgam attack

पहलगाम हमले पर कविता

कायर बुझदिल पाकिस्तानी,हरकत करते हो बचकानी। मासूमों का रक्त बहाकर,पियोगे सिन्धू का पानी। मारा सबको धर्म पूछकर,कर डाली तूने मनमानी।…

10 months ago

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