आपका टूथब्रथ भी आपको बीमार बना सकता है. दरअसल, जिस टूथब्रश से हम अपने दांतों को साफ करते हैं. जब उसका इस्तेमाल कई-कई महीनों तक करते हैं तो वह नुकसानदायक बन जाता है. इस टूथब्रश पर 1.2 मिलियन से ज्यादा बैक्टीरिया मौजूद हो सकते हैं।
एक रिपोर्ट में बताया गया कि करीब 70% टूथब्रश पर ये बैक्टीरिया पाए जाते हैं, जो सेहत को नुकसान और बैक्टीरियल इंफेक्शन का खतरा पैदा कर सकते हैं, इसलिए टूथब्रश को ठीक से स्टोर और उसकी साफ-सफाई सही तरीके से करनी चाहिए।
आम तौर पर, आपको हर तीन से चार महीने में अपना टूथब्रश बदलना चाहिए. हालांकि, अगर आपको लगता है कि आपका टूथब्रश घिस गया है या उस पर बैक्टीरिया जमा हो गया है, तो आपको उसे जल्दी से बदल देना चाहिए. इंग्लैंड की मैनचेस्टर यूनिवर्सिटी में हुए एक रिसर्च के मुताबिक, टूथब्रश में Escherichia coli यानी E.coli बैक्टीरिया हो सकते हैं, जिससे उल्टी-दस्त जैसी समस्याएं हो सकती हैं. इससे स्टेफिलोकोसी बैक्टीरिया का जोखिम भी हो सकता है, जो स्किन इंफेक्शन का कारण बन सकता है. एक्सपर्ट्स के मुताबिक, टूथब्रश को हर तीन महीने में बदल लेना चाहिए. इतने समय में उसके ब्रिसल्स खराब या उसके आकार में बदलाव आ सकते हैं. इसी समय बैक्टीरिया टूथब्रश के ब्रिसल्स में आ सकते हैं. अगर आप किसी बीमारी से ठीक हुए हैं तो तुरंत अपना ब्रथ बदल लेना चाहिए।
हेल्थ एक्सपर्ट कहते हैं कि जाइंट फैमिली में जब ज्यादा लोग एक ही बाथरूम यूज करते हैं तो कुछ लोग अक्सर फ्लश का ढक्कन बंद किए बिना ही फ्लश चला देते हैं. ऐसे में फ्लश के गंदे पानी की बूंदें बाथरूम में मौजूद हवा में घुल जाती हैं. इन बूंदों में मौजूद बैक्टीरिया बाथरूम में मौजूद टूथब्रश को संक्रमित कर सकती हैं. जिससे आप गंभीर बीमारियों का शिकार हो सकते हैं।
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