सब्जियों की मंहगाई दर से बिगड़ा समीकरण, किचन व बाजार के बुरे दिन

  • नितिन कुमार || ई-रेडियो इंडिया

मंहगाई दर बढ़ने से जीना दुश्वार हो रहा है। किचन का बजट बिगड़ गया है। बाजार से ग्राहक नदारद हैं तो वहीं सब्जी विक्रेताओं के भी बुरे दिन शुरू हो गये हैं।

देश में सब्जी की बढ़ती कीमतों के चलते आम जनता की रसोई पोषक तत्वों से लबरेज हरी सब्जियां काफूर हो गईं हैं…. जहां विक्री दर आधी रह गई है वहीं रसोई में भी लगभग पचास फीसदी की कटौती की गई है।

प्याज की कीमत पचास रूपये किलो से अधिक तो वहीं आलू चालीस से पचास रूपये प्रति किलो के हिसाब से बिकने की वजह से गरीबों के रसोईं का बैलेंस डगमगा गया है।

गरीबों के प्रति सरकार की सहानुभूति और सबका विकास की पोल तो इस मंहगाई ने खोल ही दी है… इसके साथ अब यह भी तय हो चुका है कि सरकार का किया गया वादा आम जनता को बहुत ज्यादा गंभीरता लेकर वोटिंग नहीं करनी चाहिये।




email: eradioindia@gmail.com || info@eradioindia.com || 09458002343

अगर आप भी अपना समाचार/ आलेख/ वीडियो समाचार पब्लिश कराना चाहते हैं या आप लिखने के शौकीन हैं तो आप eRadioIndia को सीधे भेज सकते हैं। इसके अलावा आप फेसबुक पर हमें लाइक कर सकते हैं और टि्वटर पर फॉलो कर सकते हैं। मेरी वीडियोस के नोटिफिकेशन पाने के लिए आप यूट्यूब पर हमें सब्सक्राइब करें। किसी भी सोशल मीडिया पर हमें देखने के लिए टाइप करें कि eRadioIndia.

https://eradioindia.com/work-with-us/
Don't wait just take initiation

One Reply to “सब्जियों की मंहगाई दर से बिगड़ा समीकरण, किचन व बाजार के बुरे दिन”

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *