पाकिस्तान की जेल में पूर्व पीएम की क्यों की गई हत्या?
पाकिस्तान में बुधवार की शाम एक ऐसी खबर जंगल की आग की तरह फैली, जिसने पूरे मुल्क की सांसें अटका दीं… यह खबर है इमरान खान की मौत!
सोशल मीडिया से लेकर राजनीतिक गलियारों तक खामोशी और आशंकाओं के बीच अचानक यह सवाल उठने लगा—क्या पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री सच में नहीं रहे?
कहानियाँ तेज़ी से माहौल को गरमा रही थीं। कहा जाने लगा कि अडियाला जेल में बंद खान को अचानक तबीयत बिगड़ने के बाद अस्पताल ले जाया गया… फिर वही चर्चाएँ, वही अटकलें कि पाकिस्तान के पूर्व पीएम बच नहीं पाए।
उसी अफरातफरी के बीच उनकी बहनों का आरोप भी आग में घी का काम करता दिखाई दिया। उन्होंने दावा किया कि जेल के बाहर इमरान खान की पिटाई की गई और तब से लेकर अब तक अचानक खामोशी है! जैसे सच पर पर्दा डाल दिया गया हो।
लेकिन… रात के सन्नाटे को तोड़ा जेल प्रशासन के आधिकारिक बयान ने। रिपोर्टों के बीच रावलपिंडी की अडियाला जेल से एक अधिकारी ने साफ कहा कि उन्हें जेल से ट्रांसफर किए जाने की खबरें गलत हैं। इमरान खान ठीक हैं, स्वस्थ हैं और जेल में मौजूद हैं। खान के स्वास्थ्य को लेकर जो अफवाहें फैलाई जा रही हैं, उनका कोई आधार नहीं है। मेडिकल सुविधाएँ उपलब्ध हैं और खान की सेहत पर पूरा ध्यान दिया जा रहा है।
इसी बीच बातचीत में पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ का बयान और भी दिलचस्प मोड़ देता है। उन्होंने दावा किया कि खान को जेल में वो सहूलियतें मिल रही हैं, जो शायद उन्हें बाहर कभी नहीं मिलीं। उन्होंने यह भी कहा कि खान के लिए फाइव स्टार मानकों जैसा भोजन, टीवी देखने की सुविधा और व्यायाम मशीनें तक उपलब्ध कराई गई हैं।
लोग पूछ रहे हैं कि अगर सब कुछ सामान्य है, तो अफवाहें आखिर उठीं कहाँ से? सच कौन बता रहा है और पर्दा कौन डाल रहा है?
अगस्त 2023 से जेल में बंद इमरान खान पर भ्रष्टाचार सहित कई गंभीर मुकदमे चल रहे हैं। 2022 में अविश्वास प्रस्ताव के बाद सत्ता से बेदखल होने के बाद से उनकी राजनीति लगातार सवालों के घेरे में है।
लेकिन इस बार सवाल राजनीति का नहीं… ज़िंदगी और मौत के बीच फँसी एक ख़ामोश सच्चाई का है।
क्या यह सब सिर्फ अफवाह थी? या सच कसे सामने आने से पहले ही दबा दिया गया?
ख़ामोशी अब भी कई सवालों के साथ ज़िंदा है…
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