सुल्तानपुर के धोपाप घाट पर गूंजती रही सांय-सांय की आवाज

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सुल्तानपुर: रविवार चार जून को गंगा ...
सुलतानपुर। जिले के प्रसिद्ध पौराणिक स्थल धोपाप में सोमवार को सन्नाटा छाया रहा। घाट सूने पड़े रहे। अलसुबह कुछ स्नानार्थी घाट पर पहुंच गए थे। पर, जैसे ही इसकी जानकारी पुलिस को हुई तो आनन-फानन मौके पर पहुंच गया। स्नान कर रहे लोगों को हटाया गया।
गंगा दशहरा को आदि गंगा गोमती के तट पर बड़ी तादात में श्रद्धालु पहुंचते हैं। मान्यता है कि त्रेता युग में रावण वध के उपरांत भगवान राम ने ब्रह्म हत्या से मुक्ति पाने के लिए धोपाप में डुबकी लगाई थी। ऋषियों की सलाह पर लगाई गई डुबकी के बाद मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम ब्रह्म हत्या के पाप से मुक्त हुए थे। पाप मुक्त होने की अभिलाषा में प्रत्येक गंगा दशहरा को काफी संख्या में लोग स्नान करने पहुंचते हैं। महीनों से स्नान पर्व का लोगों को इंतजार रहता है, पर इस बार कोरोना महामारी के चलते धाíमक आयोजनों पर रोक के कारण गंगा दशहरा पर्व पर धोपाप के घाट सूने रह गए। गोमती के किनारे टीले पर मौजूद श्रीराम जानकी मंदिर में भी इक्का-दुक्का श्रद्धालुओं ने पूजन किया।
शर्बत व फल का किया गया वितरण
अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मंडल के प्रदेश संगठन महामंत्री रवींद्र त्रिपाठी की अगुवाई में प्रवासी मजदूरों व राहगीरों को शर्बत, पानी व फल वितरण किया गया। तहसील महामंत्री नियाज राइन व अध्यक्ष शिवशंकर अग्रहरि के नेतृत्व में प्रवासी मजदूरों व अन्य लोगों को पानी, बिस्कुट व फल वितरण किया गया। इस मौके पर जिला प्रभारी अनूप श्रीवास्तव, उपाध्यक्ष जय शंकर त्रिपाठी, पंकज तिवारी आदि मौजूद रहे ।
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