नीला ड्रम बन गया जी का जंजाल, अब आ रही ऐसी खबरें

The blue drum has become a problem, now such news is coming

मेरठ। जिले में मुस्कान ने अपने प्रेमी साहिल संग मिलकर पति सौरभ, जिस तरह से की उसने सबको हैरान कर दिया। मुस्कान ने अपने पति के 15 टुकड़े करके एक नीले ड्रम में डाल दिए। इतना ही नहीं सीमेंट से भी इन टुकड़ों को दबा दिया था. जब से यह ड्रम हत्याकांड हुआ है तब से मेरठ के मार्केट में नीले ड्रम की खरीदारी पर काफी असर पड़ा है।

सिर्फ मेरठ ही नहीं बल्कि दिल्ली के मार्केट में भी इसका असर देखने को मिला. बेचारे दुकानदार कहने लगे कि इन नीले ड्रमों का क्या कसूर है. मगर, अब दुकानदारों ने एक अलग तरकीब निकाल ली है. उन्होंने नीले ड्रमों को दुकानों से आउट कर दिया, जबकि और नए रंग के ड्रम रख लिए हैं।

बता दें, सौरभ राजपूत हत्यकांड के मुख्य आरोपी साहिल शुक्ला और मुस्कान रस्तोगी ने नीले ड्रम में लाश को ठिकाने लगाने की कोशिश की थी। ये ड्रम मेरठ के जली कोठी इलाके से खरीदा गया था। इस इलाके में ड्रम का कारोबार करने वाले बेहद निराश हो गए थे।

लोगों का कहना था कि अब लोग खासतौर से नीला ड्रम लेने से ही परहेज कर रहे हैं. मेरठ के घंटाघर के पास जितनी भी दुकानों में ड्रम बेचे जाते हैं, वहां सन्नाटा नजर आने लगा। दुकानदार लोगों से अपील करते नजर आ रहे थे कि अपराध जिसने किया वो जेल में है, इसमें ड्रम का क्या कसूर। दुकानदार ग्राहकों के पास जा-जाकर ड्रम की खासियत बताते नजर आ रहे. वो कहते हैं कि ये ड्रम पानी के लिए उपयोगी है, अनाज रखने के लिए उपयोगी है।

फिर भी कोई खरीदने को तैयार नहीं हुआ। ऐसे में अब दुकानों पर नीले ड्रम के बाद भगवा ड्रम की एंट्री हो गई है। भगवा ही नहीं बल्कि दुकानदार हरे रंग के ड्रम भी ले आए हैं। बताया जा रहा है कि रंग बदलने के बाद लोग ड्रम खरीदने में दिलचस्पी दिखा रहे हैं। वहीं दुकानदारों में पुलिस का खौफ भी नजर आया। उन्होंने मीडिया से दूरी बना ली है। वहीं, नीले ड्रम खरीदने वालों से वजह भी पूछ रहे हैं।