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  • सावधान: Zoom इस्तेमाल करना सेफ नहीं, सरकार ने जारी की अडवाइजरी

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    • मेरठ से आदित्य गुप्ता की रिपोर्ट
    लॉकडाउन के चलते बाजार, मॉल, कम्पनियां और कार्पोरेट प्लेटफार्म ठप हैं…. सभी सेहत की बात कर रहे हैं ऐसे में ऑनलाइन मीटिंग करने का तरीका ज्यादा पॉपुलर हो गया लेकिन…. आप को सोचने की जरूरत है…. क्यों कि आजकल बेहद लोकप्रिय हो चुका जूम एप्लीकेशन अब सुरक्षित नहीं है।….

    यह हम नहीं भारत सरकार ने कहा है… और इसके लिये बकायदा एडवायजरी भी जारी की है। गृह मंत्रालय ने एक विडियो प्लैटफॉर्म के तौर पर ज़ूम को अनसेफ बताया है। भारत सरकार के गृह मंत्रालय ने दो पेजों की एडवायजरी में बताया है कि आपको किन-किन नियमों का पालन करना बेहद जरूरी है….

    तो आइये जानते हैं कि आखिर इस एडवायजरी में ऐसा क्या है?

    गृह मंत्रालय ने दो पेज लंबे एक दस्तावेज जारी किया। इसमें निजी तौर पर ज़ूम का इस्तेमाल करने वाले लोगों से ऐप को इस्तेमाल करने के दौरान सावधानी बरतने को कहा गया है। इस अडवाइजरी में वे ऑप्शन बताए गए हैं जिससे कुछ सेटिंग्स को इनेबल या डिसेबल करके कॉन्फ्रेंस रूम में किसी अनऑथराइज्ड एंट्री को रोका जा सकता है। इसके अलावा इसमें कहा गया है कि सिर्फ पावसवर्ड और ऐक्सिस ग्रांट करके ही यूजर्स को कॉन्फ्रेंसिंग में शामिल करें ताकि DOS अटैक से बचा जा सके।

    एडवायजरी के तहत इन नियमों का ध्यान में रखना भी जरूरी है….

    • हर मीटिंग के लिए नया यूजर आईडी और पासवर्ड सेट करें
    • वेटिंग रूम इनेबल करें, ताकि मीटिंग के दौरान कोई यूजर तभी एंट्री कर सके जबकि होस्ट परमिशन दे
    • होस्ट के पहले जॉइन करने की परमिशन देने वाले फीचर को डिसेबल करें
    • स्क्रीन शेयरिंग की अनुमति सिर्फ होस्ट को दें
    • रिमूव किए जा चुके पार्टिसिपेन्ट्स को दोबारा शामिल करने की अनुमति का ऑप्शन डिसेबल कर दें।
    • रिकॉर्डिंग फीचर और फाइल ट्रांसफर का ऑप्शन डिसेबल जरूर करें
    • एक बार सभी यूजर्स के जॉइन करने के बाद मीटिंग को लॉक कर दें
    • अगर आप एडमिन हैं तो मीटिंग बीच में ना छोड़ें

    खास बात है कि इस अडवाइजरी से पहले भी ज़ूम ऐप को लेकर एक अडवाइजरी जारी हो चुकी है। कप्यूटर इमरजेंसी रिस्पॉन्स टीम ऑफ इडिया (CERT-In) ने भी ज़ूम विडियो कॉन्फ्रेसिंग ऐप को लेकर सेफ्टी अडवाइजरी जारी की थी। साइबर सिक्यॉरिटी एजेंसी ने कहा था, ‘ज़ूम के इनसिक्यॉर इस्तेमाल से साइबरक्रिमिनल्स को संवेदनशील जानकारी जैसे मीटिंग डीटेल्स और बातचीत का ऐक्सिस मिल सकता है।’

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    editor

    पत्रकारिता में बेदाग 11 वर्षों का सफर करने वाले युवा पत्रकार त्रिनाथ मिश्र ई-रेडियो इंडिया के एडिटर हैं। उन्होंने समाज व शासन-प्रशासन के बीच मधुर संबंध स्थापित करने व मजबूती के साथ आवाज बुलंद करने के लिये ई-रेडियो इंडिया का गठन किया है।
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