5 दिन बाद भी गठरी में बंधे शवों के अवशेष, लापता लोगों को तलाश रहे परिजन; सरकार तय नहीं कर सकी सवारियों और मृतकों की संख्या

लखनऊ. शुक्रवार रात कन्नौज में एसी बस में जल गई थी। हादसे के पांच दिन बाद भी बस से बरामद 10 शवों की शिनाख्त नहीं हो सकी है। हडि्डयों में तब्दील हो चुके शव पोटली में बंधे हुए मोर्चरी में रखे हैं और लापता लोगों के परिजन आंखों में आंसू लिए उन्हें तलाश रहे हैं। बस से मिली हडि्डयों की डीएनए जांच के लिए सैंपल लखनऊ लाए गए हैं। बुधवार को मजिस्ट्रेट जांच के लिए नोटिफिकेशन जारी कर सकते हैं। बस में सवार यात्रियों की संख्या को लेकर भी स्थिति स्पष्ट नहीं है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार ठसाठस भरी बस में 80 से अधिक लोग सवार थे, जबकि प्रशासन का दावा है कि उसमें मात्र 45 सवारियां थीं।
अब तक सिर्फ एक शव की पहचान
फर्रुखाबाद से जयपुर जा रही बस से हादसे के बाद 10 शव बरामद किए गए थे, जबकि ट्रक से उसके ड्राइवर का शव बरामद हुआ था। ट्रक चालक की पहचान उसका कान देखकर उसके मामा ने अजय उर्फ रिंकू पुत्र पूरन सिंह निवासी विशुनपुर रतीपुर थाना कुरावली जिला मैनपुरी के तौर पर की थी। बाकी 10 शव हडि्डयों के ढांचे के तौर पर ही मिले थे, जिन्हें पोटली में बांधकर कन्नौज की मोर्चरी में रखवा दिया गया है।
9 लोग लापता की सूची जारी
कन्नौज जिले में हुए भीषण आग के हादसे के बाद जिला प्रशासन ने अभी तक 9 लापता लोगों की एक सूची जारी की हैं। इनमें लईक पुत्र मोहम्मद उमर निवासी फर्रुखाबाद, उनकी पत्नी सायदा बेगम, बेटी सादिया और बेटे शान अहमद व मोहम्मद सैफ शामिल हैं। एक परिवार के इन पांच लोगों के अलावा नूरी पत्नी नाजिम निवासी कासगंज उनकी बेटी सानिया, प्रिया पुत्री कृपाशंकर निवासी फर्रुखाबाद, अजय कुमार पुत्र पूरन सिंह निवासी मैनपुरी शामिल हैं। हादसे में लापता लोगों को तलाश रहे उनके परिजनों का कहना हैं डीएनए जांच के लिए न तो सैंपल लिए गए हैं, न ही उनसे संपर्क किया गया है।
डीएनए जांच जांच के लिए सैंपल लखनऊ लाए गए
विधि विज्ञान प्रयोगशाला के डिप्टी डायरेक्टर और मेडिकोलीगल एक्सपर्ट जी खान ने जोनल फील्ड यूनिट कानपुर जोन प्रभारी सुधीर द्विवेदी और जिला फील्ड यूनिट टीम प्रभारी रामेंद्र शंकर श्रीवास्तव के साथ बस के अंदर से कई नमूने एकत्र किए। जी खान का कहना है कि डीएनए टेस्ट की प्रक्रिया शुरू हो गई है। छानबीन के बाद मृतकों की संख्या का पता चल सकेगा। रिश्तेदारों के सैम्पल अवशेषों को चेक करने के बाद लिए जांएगे। छिबरामऊ एसएचओ शैलेंद्र मिश्रा का कहना है कि कोर्ट से परिमिशन मिलने के बाद सभी लापता लोगों के रिश्तेदारों के सैंपल एक साथ लिए जांएगे।
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