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  • एसटीएफ ने 6 लोगों को किया गिरफ्तार, पाकिस्तान से जुड़े गैंग के तार

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    गुरुग्राम, हरियाणा पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने विधायकों को जान से मारने की धमकी देने और उनसे रंगदारी मांगने के आरोप में छह लोगों को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए इन लोगों के तार सीमापार से भी जुड़े हुए बताए जा रहे हैं।

    एसटीएफ के पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) सतीश बालन ने गुरुग्राम के भोंडसी में स्थित एसटीएफ के मुख्यालय में मीडिया को संबोधित करते हुए कहा कि राज्य के चार विधायकों को कई फोन नंबरों से 24 से 28 जून तक ऐसे कॉल आए थे, जो पश्चिमी एशियाई देशों से थे और पाकिस्तान से संचालित थे। आईजी ने बताया कि पंजाब के कुछ पूर्व विधायकों को भी इन नंबरों से ऐसे ही धमकी भरे कॉल आए। फोन करने वाले ने उनसे मुंबई के लहजे और पंजाबी में बात की थी।

    बिहार के रहने वाले हैं सभी आरोपी

    उन्होंने बताया कि गिरोह के दो सदस्यों, बिहार के रहने वाले दुलेश आलम और उत्तर प्रदेश के बदरे आलम को मुंबई से गिरफ्तार किया गया है। चार अन्य अमित यादव, सादिक अनवर, सनोज कुमार, काश आलम को बिहार के मुजफ्फरपुर से गिरफ्तार किया गया। ये सभी बिहार के रहने वाले हैं।
    सतीश बालन ने बताया कि उनके पास से 55 एटीएम कार्ड, 24 मोबाइल फोन, 56 सिम कार्ड, 22 पासबुक और चेक बुक, 3.97 लाख रुपये, एक एसयूवी, तीन डायरियां और एक रजिस्टर बरामद किया गया है।

    एसटीएफ को ऐसे मिली कामयाबी

    आईजी ने बताया कि विधायकों को जान से मारने की धमकी देने के लिए अज्ञात लोगों के खिलाफ कई एफआईआर दर्ज की गई थीं, जिसके बाद हरियाणा के पुलिस महानिदेशक पी.के. अग्रवाल ने ये सारे मामले एसटीएफ को सौंप दिए थे। आरोपियों को पकड़ने की एसटीएफ की रणनीति के तौर पर उसके कर्मी जानबूझकर गिरोह के निशाने पर आए, जिसके बाद उन्हें भी ऐसे ही धमकी भरे कॉल आने लगे।

    बालन ने बताया कि फोन करने वाले लोगों द्वारा मांगी गई रंगदारी देने की आड़ में पुलिस टीम ने उनके बैंक खातों की जानकारियां आदि दर्ज की, जिसके बाद मुंबई और मुजफ्फरपुर में छापे मारे गए। उन्होंने बताया कि जांच के दौरान एसटीएफ को 10 पाकिस्तानी निवासियों के बारे में भी पता चला, जिनके जरिए धमकी और वसूली के कॉल आए थे।

    आईजी ने कहा कि ये आरोपी किसी आपराधिक गिरोह या आतंकवादी संगठन के नहीं हैं। ये बहुत शातिर अपराधियों का गिरोह है, जो पेशेवर धोखाधड़ी, मनी लॉन्ड्रिंग में शामिल हैं और पाकिस्तान, पश्चिम एशिया तथा भारत में इनके सदस्य हैं।

    उन्होंने कहा कि इन देशों में बैठै लोग पीड़ितों को ‘कौन बनेगा करोड़पति’ में एंट्री दिलाने की आड़ में लुभाते हैं या कहते हैं कि उनकी लॉटरी निकली है या उनसे वसूली मांगते हैं तथा दुलेश या अमित द्वारा दी गई खाता संख्या में उन्हें पैसा डालने के लिए कहते थे। बालन ने बताया कि इसके बाद दोनों एटीएम के जरिए पैसे निकालते या भारतीय खातों से अपने पाकिस्तानी गिरोह के सदस्यों के खातों में पैसे भेज देते थे।

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    Neha Singh

    नेहा सिंह इंटर्न डिजिटल पत्रकार हैं। अनुभव की सीढ़ियां चढ़ने का प्रयत्न जारी है। ई-रेडियो इंडिया में वेबसाइट अपडेशन का काम कर रही हैं। कभी-कभी एंकरिंग में भी हाथ आजमाने से नहीं चूकतीं।
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