नई दिल्ली:
SHoDH Foundation के तत्वावधान में आयोजित दो दिवसीय ‘शोध चिंतन 2026’ का द्वितीय दिवस Jamia Millia Islamia में विभिन्न महत्वपूर्ण सत्रों के साथ संपन्न हुआ। इस आयोजन में देशभर से आए शोधार्थियों, शिक्षाविदों और विशेषज्ञों ने सक्रिय भागीदारी की।

कार्यक्रम के दूसरे दिन की शुरुआत प्रतिभागियों के एकत्रीकरण और परिसर भ्रमण से हुई। इसके बाद आयोजित सामूहिक सत्रों में “SHoDH की संगठनात्मक संरचना एवं विस्तार” विषय पर विस्तृत चर्चा की गई। इस दौरान शोध को संस्थागत रूप से मजबूत बनाने और उसके व्यापक विस्तार पर विचार-विमर्श हुआ।

मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित S. Balakrishna, राष्ट्रीय सह-संगठन मंत्री, ने अपने संबोधन में कहा कि शोध को केवल अकादमिक परिसरों तक सीमित न रखकर समाज के व्यापक हित में उपयोगी बनाना आवश्यक है। उन्होंने सहयोग, समन्वय और प्रभावी प्रबंधन के माध्यम से शोध को नई दिशा देने पर बल दिया।

दिवस के दौरान प्रतिभागियों को विभिन्न समूहों में विभाजित कर विज्ञान (STEM), सामाजिक विज्ञान तथा मानविकी एवं विधि प्रबंधन जैसे क्षेत्रों में विचार-विमर्श कराया गया। इन चर्चाओं में शोध की गुणवत्ता, प्रासंगिकता और समाज से उसके संबंध को सुदृढ़ करने पर विशेष ध्यान केंद्रित किया गया।
इसके बाद आयोजित सामूहिक सत्र में प्रतिभागियों ने अपनी प्रस्तुतियाँ दीं और विभिन्न करणीय बिंदुओं पर विचार साझा किए। “SHoDH विजन और मिशन: सहयोग एवं संसाधन प्रबंधन” विषय पर आयोजित संवाद में शोध को अधिक प्रभावी, समन्वित और परिणामोन्मुख बनाने के उपायों पर जोर दिया गया।
इस अवसर पर Dr. Yajnavalkya Shukla, क्षेत्रीय संगठन मंत्री (बिहार-झारखंड) की गरिमामयी उपस्थिति रही। सभी वक्ताओं ने शोध में स्पष्ट दिशा, सामाजिक प्रासंगिकता और भारतीय दृष्टिकोण के समावेश की आवश्यकता पर बल दिया।








