Report by : editor

मेरठ के लिसाड़ी गेट थाने में फर्नीचर कारोबारी से कथित अवैध वसूली के मामले में दरोगा और हेड कांस्टेबल निलंबित। मुजफ्फरनगर के दरोगा पर भी कार्रवाई, जांच जारी।

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Lisarigate Sipahi
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लिसाड़ी गेट थाने में कथित अवैध वसूली का मामला, दरोगा और हेड कांस्टेबल निलंबित, कारोबारी से लाखों की वसूली का आरोप, अधिकारियों को गिफ्ट देने के नाम पर सोफे की भी मांग

मेरठ। लिसाड़ी गेट थाने में फर्नीचर कारोबारी से कथित अवैध वसूली का मामला सामने आने के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। नोएडा निवासी कारोबारी शाहिद चौधरी ने डीआईजी कलानिधि नैथानी से शिकायत कर पुलिसकर्मियों और बिचौलियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। मामले में मेरठ के एक दरोगा और हेड कांस्टेबल को निलंबित कर दिया गया है। वहीं, मुजफ्फरनगर में तैनात एक दरोगा पर भी कार्रवाई की गई है। पूरे प्रकरण की जांच शुरू कर दी गई है।

आरोप है कि कारोबारी शाहिद चौधरी को एक शिकायत के सिलसिले में मेरठ बुलाकर लिसाड़ी गेट थाने की हवालात में बंद किया गया। इसके बाद उनसे रिहाई के बदले आठ लाख रुपये की मांग की गई। शिकायत के अनुसार, थाने में तैनात दरोगा अंकित सागर और हेड कांस्टेबल नीरज कुमार ने कारोबारी के साथ बदसलूकी की और उनका आईफोन, घड़ी तथा बेल्ट भी उतरवाकर रख ली। कारोबारी के परिजनों से रकम की व्यवस्था करने को कहा गया।

शिकायत में आरोप लगाया गया है कि 1.20 लाख रुपये ऑनलाइन एक जनसुविधा केंद्र संचालक शादाब राव उर्फ शालू के खाते में ट्रांसफर कराए गए, जबकि 2.80 लाख रुपये नकद वसूले गए। इसके अलावा सोफा खरीदने के नाम पर दो अलग-अलग क्यूआर कोड भेजकर 36-36 हजार रुपये और लेने का आरोप है। बताया गया कि सोफा किसी वरिष्ठ अधिकारी को उपहार देने के नाम पर मांगा गया था।

इस मामले में मुजफ्फरनगर में तैनात दरोगा आरिफ अली की भूमिका भी जांच के दायरे में है। आरोप है कि उन्होंने कारोबारी के खिलाफ शिकायत कराने में बिचौलिये की भूमिका निभाई और मामला खत्म कराने का भरोसा देकर अपनी पत्नी के खाते में एक लाख रुपये ट्रांसफर कराए। शिकायत के मुताबिक, कथित वसूली की घटना अगस्त के पहले सप्ताह की है। हालांकि, इन आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।

कारोबारी ने डीआईजी के सामने बैंक ट्रांजैक्शन, कॉल डिटेल और अन्य साक्ष्य पेश किए। इसके बाद मेरठ और मुजफ्फरनगर पुलिस ने मामले में कार्रवाई शुरू की। मेरठ के एसएसपी बीबी जीटीएस मूर्ति ने दरोगा अंकित सागर और हेड कांस्टेबल नीरज कुमार को निलंबित कर दिया। मुजफ्फरनगर पुलिस ने भी दरोगा आरिफ अली को निलंबित किए जाने की जानकारी दी है।

जांच की जिम्मेदारी एसपी सिटी विनायक गोपाल भोंसले को सौंपी गई है। अधिकारियों के अनुसार, मामले में उपलब्ध साक्ष्यों की जांच की जा रही है। अब जांच के नतीजों से स्पष्ट होगा कि कथित वसूली में किन-किन लोगों की भूमिका रही और आरोपों की पुष्टि होने पर आगे क्या कार्रवाई की जाएगी।

पुलिस की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल

थाने में हिरासत, कथित वसूली और वरिष्ठ अधिकारियों को उपहार देने के नाम पर सोफे की मांग जैसे आरोपों ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। पीड़ित की शिकायत पर निलंबन की कार्रवाई के बाद अब पूरे कथित नेटवर्क की जांच अहम मानी जा रही है।

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