Report by : News Desk
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बुरे का नतीजा बुरा ही होता है
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हाथी और दर्जी की कहानी

बहुत समय पहले की बात है एक गांव में एक दर्जी रहता था और उसके पास ही जंगल में एक बूढ़ा हाथी रहता था। हाथी बहुत ही दयालु किस्म का था वह हाथी किसी को भी नुकसान नहीं पहुंचाता था। एक दिन वह हाथी गांव में खाने के लिए आया तो उस दिन दर्जी का दिमाग खराब था उसने हाथी की सूंड पर सुई चुभा दी।

सुई काफी नुकिली होने के कारण हाथी को काफी ज्यादा दर्द और नुकसान झेलना पड़ा। हाथी बहुत परेशान हो जाता है कि दर्जी को सबक कैसे सिखाया जाये…?

तभी हाथी को एक युक्ति सूझती है और वह एक गंदे तालाब के किनारे जाता है और अपनी सूड़ में बहुत सारा गंदा पानी भर के लाता है। वह अपनी सूंड़ में भरा सारा पानी दर्जी की दुकान पर साफ-सुथरे कपड़े और दर्जी के ऊपर फेंक देता है। जिससे दर्जी की दुकान गंदी हो जाती है और दर्जी के सारे कपड़े खराब हो जाते हैं।

जिससे दर्जी बहुत दुखी होता है और वह समझ जाता है। उसके बाद दर्जी हाथी से माफी मांगता है और हाथी को केला खिलाता है। केला खाकर हाथी फिर से जंगल की ओर चल पड़ता है।

सीख: किसी के साथ भी बुरा नहीं करना चाहिए क्योंकि बुराई हमेशा लौटकर वापस जरूर आती है।

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