Report by : News Desk
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यूएन में उठा बलूचिस्तान का मुद्दा, पाकिस्तान को जवाबदेह ठहराने की मांग
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जिनेवा। संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद के 61वें सत्र में बलूचिस्तान में कथित मानवाधिकार उल्लंघनों का मुद्दा जोर-शोर से उठाया गया। बलूच वीमेन फोरम (BWF) की केंद्रीय आयोजक शाली बलूच ने पाकिस्तान पर गंभीर आरोप लगाते हुए अंतरराष्ट्रीय समुदाय से हस्तक्षेप की मांग की।

जबरन गायब करने और हत्याओं के आरोप

शाली बलूच ने अपने संबोधन में कहा कि पाकिस्तान के शासन के तहत बलूचिस्तान में जबरन गायब किए जाने, गैर-न्यायिक हत्याओं और नागरिकों पर हमलों की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि आम नागरिकों को आतंकवादी बताकर निशाना बनाया जा रहा है।

2025 में 1300 से अधिक मामले सामने आने का दावा

उन्होंने बताया कि वर्ष 2025 में जबरन गायब किए जाने के लगभग 1355 मामले सामने आए, जिनमें महिलाओं और बच्चों के भी कई मामले शामिल हैं। इसके अलावा सैकड़ों लोगों की कथित गैर-न्यायिक हत्याओं का भी दावा किया गया।

अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील

शाली बलूच ने वैश्विक समुदाय से अपील की कि वे इन मामलों की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करें और जिम्मेदार लोगों को जवाबदेह ठहराएं। उन्होंने कहा कि बलूच नागरिकों के अधिकारों की रक्षा के लिए ठोस कदम उठाने की जरूरत है।

मानवाधिकार संगठनों ने भी जताई चिंता

इस बीच बलूच वॉइस फॉर जस्टिस जैसे संगठनों ने भी हालिया घटनाओं पर चिंता जताई है। संगठन के अनुसार, केच जिले के तुरबत क्षेत्र में एक व्यक्ति का शव मिलने का मामला सामने आया, जिसे पहले कथित तौर पर जबरन गायब किया गया था।

स्वतंत्र जांच की मांग तेज

मानवाधिकार संगठनों का कहना है कि ऐसी घटनाएं किसी एक मामले तक सीमित नहीं हैं, बल्कि एक पैटर्न का हिस्सा प्रतीत होती हैं। उन्होंने स्वतंत्र जांच और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग दोहराई है।

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