कितनी बेहूदगी की बात है, पूजा करने के लिए भी नौकर!
प्रेम और पूजा के लिए भी नौकर! उसे भी तुम दूसरे से करवा लेते हो पैसे के बल पर। तो अगर तुमने एक पुजारी को सौ रुपया महीना दिया, और उसने रोज आकर तीन दफा भगवान की पूजा की, तो…
मरने से पहले की व्याकुलता को समझ लो तो संशय दूर हो जाएगा: ओशो
एक फकीर हुआ, एक व्यक्ति निरंतर उसके पास आता था। एक दिन आकर उस व्यक्ति ने उस फकीर को पूछा: आपका जीवन इतना पवित्र है, आपके जीवन में इतनी सात्विकता है, आपके जीवन में इतनी शांति है लेकिन मेरे मन…
ओशो: मर्द और औरत के बीच का ये संबंध होना चाहिए
प्रश्न–एक पुरूष और एक स्त्री के बीच किस प्रकार का प्रेम संबंध की संभावना है, जो की सेडोमेसोकिज्म (पर-आत्मपीड़क) ढांचे में न उलझा हो? ओशो—यह एक अत्यंत महत्वपूर्ण प्रश्न है। धर्मों ने इसे असंभव कर दिया है। स्त्री और पुरूष…
Osho Hindi Pravachan: धन को भोगने की कला सीखो
अध्यात्म डेस्क, ई-रेडियो इंडिया Osho Hindi Pravachan: मैं तुमसे कहता हूं: पत्थर हटा दो। धन को भोगने की कला सीखो। जब तुम धन को भोगने की कला सीखोगे तो धन को पैदा करने की कला भी सीखनी पड़ेगी। और न…
Osho speech on wisdom: बुद्धि सबसे बड़ी जालसाज है
ओशो Osho speech on wisdom: मुल्ला नसरुद्दीन अपने मित्र के साथ सिनेमा देखने गया हुआ था। सिनेमा में सभी बोर हो रहे थे। पिक्चर जो थी, वह उनकी समझ के बाहर थी। मुल्ला नसरुद्दीन से कुछ ही आगे एक गंजा…
Osho on Women: स्त्री का शिष्यत्व
Osho on Women: स्त्री अगर शिष्य हो तो उससे श्रेष्ठ शिष्य खोजना मुश्किल है। स्त्री का शिष्यत्व श्रेष्ठतम है। कोई पुरुष उसका मुकाबला नहीं कर सकता है। क्योंकि समर्पण की जो क्षमता उसमें है वह किसी पुरुष में नहीं है।…
Osho on Basant Panchami: हृदय में आनंद हो तो वसंत कभी भी आ सकता है
Osho on Basant Panchami:💓 जीवन परिवर्तनशील है, इसलिए वह हमेशा चक्र की भांति घूमता रहता है। इस घूमते हुए चक्र से ही ऋतुएं बनती हैं। जैसे स्त्री के अलग-अलग मनोभाव होते हैं, कभी दृढ़, कभी प्रफुल्लित तो कभी शांत, कभी…
अगर तुम्हारे मन में प्रेम होगा तो साथ ही साथ कदम मिलाती घृणा भी होगी
अगर तुम्हारे मन में प्रेम होगा तो साथ ही साथ कदम मिलाती घृणा भी होगी। जिस दिन घृणा विदा हो जाएगी, उसी दिन प्रेम भी विदा हो जाएगा। जब तुम प्रेम से भरते हो, तुम घृणा को भूल जाते हो।…
Osho Hindi Pravachan: आक्रामक टूट जाएगा अपने आप, निहाई में छिपा है गहरा राज
ओशो रजनीश Osho Hindi Pravachan: लाओत्से ने कहा है कि निहाई क्यों नहीं टूटती? क्योंकि वह झेल लेती है। हथौड़ा टूट जाता है, क्योंकि वह आक्रमण करता है। आक्रामक टूट जाएगा अपने आप। तुम उसकी चिंता मत करो, तुम सिर्फ…
Osho Speech on Sex: हमने सेक्स को सिवाय गाली के आज तक दूसरा कोई सम्मान नहीं दिया
Osho Speech on Sex: हमने सेक्स को सिवाय गाली के आज तक दूसरा कोई सम्मान नहीं दिया। हम तो बात करने में भयभीत होते हैं। हमने तो सेक्स को इस भांति छिपा कर रख दिया है जैसे वह है ही…











