भगवद्गीता पर चर्चा है धर्म का परिचायक: परमानंद तिवारी

भगवद्गीता पर चर्चा है धर्म का परिचायक: परमानंद तिवारी
Sandeep Mishra e radio india Reporter Badlapur

जौनपुर जनपद के छोर पर बाबा रामयज्ञ दास तथा देवी बसौली धाम के निकट स्थित हरि कुंज लॉन, समोधपुर में क्षेत्र के प्रबुद्ध भक्त जनों की उपस्थिति में भगवद्गीता पर चर्चा करते हुए खुटहन स्थित विद्यालय के संस्कृत के पूर्व प्रवक्ता 86 वर्षीय श्री परमानंद तिवारी जी ने अपनी ओजस्वी वाणी से भक्तों के मन को मोहित कर लिया। उन्होंने बताया कि श्रीमद्भागवत महापुराण, भगवद्गीता का भाष्य है जो साक्षात भगवान श्रीकृष्ण की वाणी है। वेणु गीता भी वेणु द्वारा गाई गई है।

इन दोनों गीता को व्यास जी ने स्वयं अपनी तरफ से नहीं लिखा। गीता, गंगा, गायत्री, गौरी गणेश और गौ ये सनातन के 5 आधार हैं। जड़ भरत और सिंधु सौबीर देश के राजा रघुगण की कथा का वर्णन करते हुए उन्होंने आत्मा को देह से अलग बताते हुए कहा कि, सांसारिक घटनाओं का प्रभाव देह पर पड़ता है और आत्मा तो सारे गुणधर्म से परे ईश्वर का अंश है और संसार का कोई भी व्यवहार आत्मा को लिप्त नहीं है। अतः मनुष्य का दिव्य लक्ष्य आत्मा को जानते हुए मोक्ष की प्राप्ति ही होना चाहिये।

श्री जय प्रकाश मिश्र जी ने कर्म, आत्मभाव से प्रभु को याद करना और शरणागति को ही जीव के लिए कल्याणकारी बताया। श्री केशरीनाथ मिश्र जी ने कृष्ण भजन सुनाकर भक्तों को आनंद विभोर किया।

अंत में बसौली निवासी, काशीविशनाथ के सेवक आचार्य श्री संतोष तिवारी जी ने मुख्य वक्ता के रूप में भगवद्चर्चा स्थल तथा उपस्थित क्षेत्रीय भक्त जनों को धन्य बताया । उन्होंने कहा कि पुत्र, पत्नी और धन तो पापियों को भी मिल जाते हैं किंतु सत्संगति और हरिकथा ये दुर्लभ हैं जो भगवान की कृपा से ही प्राप्त होते हैं। उन्होंने हृदयस्थ परमात्मा को, बाह्य जगत में खोजना दुर्भाग्यपूर्ण बताया। प्रवृत्ति और निवृत्ति मार्ग का उल्लेख करते हुए कर्म की प्रधानता बताई तथा हानि, लाभ, जीवन, मरण, यश और अपयश को विधि के हाथ में होना बताया। उन्होंने कहा कि बुद्धिमान व्यक्ति को अपने गृहक्लेश की चर्चा कहीं भी नहीं करनी चाहिये।

अंत में कार्यक्रम के आयोजक श्री ओम प्रकाश तिवारी जी ने सभी सहयोगियों, उपस्थित क्षेत्रीय भक्त जनों तथा वक्ताओं को ईश्वर मानते हुए रुंधे हुए गले से कहा कि एक भगवान को खोजते खोजते मुझे इतने भगवान मिल जाएंगे ऐसा मैने नहीं सोचा था।

कार्यक्रम का संचालन विश्व हिंदू परिषद के जिला स्तरीय वरिष्ठ कार्यकर्ता श्री विजय प्रकाश तिवारी जी (साधू तिवारी ) जी ने किया।
कार्यक्रम में आर एस एस कार्यकर्ता सुभाष तिवारी, विश्व हिंदू परिषद के प्रखंड अध्यक्ष ओम प्रकाश दुबे, डॉ जयनारायण तिवारी, डॉ ईश नारायण मिश्र, डॉ राम पलट पाण्डेय, बैंक प्रबंधक भुलाने सिंह, राणा प्रताप सिंह , आनंद मिश्र (अध्यापक) पद्मभूषण सिंह ( अध्यापक), राजन पांडेय, श्रवण दुबे, अजीत सिंह, अशोक सिंह, अवधेश मिश्र , लल्लनपति तिवारी, विनोद कुमार तिवारी , रमेश पांडेय, आदि अन्य क्षेत्रीय गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।