• मेरठ
  • “बीमारी बड़ी है तो ईलाज भी लंबा चलेगा”- राकेश टिकैत

    IMG 20210619 WA0175

    सरधना (मेरठ) शनिवार को भाकियू के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी राकेश टिकैत सरधना क्षेत्र के छुर गांव में अपनी साली की बेटी के विवाह समारोह में शामिल होने के लिए पहुंचे। जहाँ उन्होंने केंद्र सरकार पर तंज कसते हुए सरकार को बड़ी बीमारी बताया तंज भरे अंदाज में कहा की “बीमारी बड़ी है तो ईलाज भी लंबा चलेगा”।

    छुर पहुंचने से पहले उनका मेरठ-करनाल हाइवे स्थित एक ढाबे पर जोरदार स्वागत किया गया। विवाह समारोह में शामिल होने के साथ यहाँ उन्होंने किसानो की समस्याएं भी जानी। इसी दौरान मुल्हेड़ा गांव में चुनावी रंजिश के दौरान की गयी खालिद की हत्या को लेकर उसके परिजन भी राकेश टिकैत से मिले और आपबीती सुनाते हुए इन्साफ दिलाए जाने की गुहार लगाई। उन्होंने हत्यारोपियों को शीघ्र गिरफ्तार करने व सख्त सजा दिलाए जाने की मांग की।

    इस अवसर पर मोहम्मद शोएब मोहम्मद जाकिर मोहम्मद हसरत अली हसन अली शेर मोहम्मद सैयाद के अलावा जगमोहन विनेश प्रधान छुर संसार सिंह आदि मौजूद रहे। भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने केंद्र सरकार को किसान विरोधी बताया है उन्होंने कहा कि भाजपा ने किसानों के साथ छल कपट कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार सब कुछ उद्योगपतियों को बेचने पर अमादा है।

    उन्होंने कहा की उत्तर प्रदेश में अगले साल की शुरुआत में चुनाव होने वाले हैं। इस दौरान वहां भाजपा को कड़ी टक्कर देने के लिए किसान संगठनों ने कमर कस ली है। उन्होंने बताया की बंगाल में ममता बनर्जी की जीत में किसान संगठनों की अहम भूमिका रही है।

    अगर सरकार नहीं मानी तो यूपी में भी हराएंगे। भारतीय किसान यूनियन के नेता राकेश टिकैत ने कहा कि इसके लिए गांव-गांव जाकर लोगों से मिलेंगे।उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार किसान विरोधी है जिसके चलते सरकार तीनों कृषि कानूनों को वापस नहीं कर रही है।

    उन्होंने कहा कि केंद्र की भाजपा सरकार ने कुछ पूंजीपतियों से साठगांठ कर तीन कृषि कानून बना दिए हैं। जो अब उसके गले की फ़ांस बन गए है। भाजपा किसानो की नहीं पूंजी पतियों की चिंता कर रही है। जिसे इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा।

    799d98c310b44f92b6af18b706d935cf

    Rekha Mishra

    फिलहाल गृहणी के दायित्वों का निर्वहन कर रही हूं, फुर्सत मिलने पर पत्रकारिता के शौक को पूरा करती हूं। पिछले पांच वर्षों से लिखने-पढ़ने की कोशिश जारी है। सेहत पर लिखना अच्छा लगता है। बाकी विषयों से भी परहेज नहीं है।
    1 mins