meerapur vidhan sabha by-election 2024

meerapur vidhan sabha by-election 2024: मीरापुर में रालोद और अन्य दलों के बीच मुकाबला तेज, जानें ताजा हालात || मीरापुर सीट बनी सियासी अखाड़ा, दौड़ तेज || 57 सालों से स्थानीय नेता नहीं जीत सके चुनाव || रालोद, सपा व बसपा में है मुख्य मुकाबला

meerapur vidhan sabha by-election 2024: मीरापुर सीट पर बीते 57 सालों से कोई स्थानीय नेता चुनाव नहीं जीत सका है. यहां मुख्य मुकाबला RLD, समाजवादी पार्टी और BSP के बीच है. ये ऐसी सीट है, जहां कभी जाट-मुस्लिम का समीकरण काम करता है तो कभी दलित-मुस्लिम का समीकरण. जयंत चौधरी ने पाल समाज से आने वाली मिथलेश पाल को टिकट देकर एक नया सियासी प्रयोग किया है… क्या उनका ये दांव काम आएगा? साथ ही बटेंगे तो कटेंगे का मीरापुर में कितना असर है.. जानते हैं मुजफ्फरनगर ज़िले की मीरापुर सीट से इलेक्शन वाला माहौल।

रालोद के चंगुल में फंसकर सियासी पार्टियां इस बार कराह रही हैं। मीरापुर में इस बार चुनावी मुकाबला दिलचस्प होता जा रहा है। जहां एक ओर सपा-बसपा अपने परम्परागत वोटर्स से बांडिंग मजबूत कर रहे हैं तो वहीं दूसरी ओर राष्ट्रीय लोकदल के तिलिस्म को तोड़ पाना बड़ा कठिन साबित हो रहा है।

मीरापुर में चार मुख्य पार्टियों ने मुस्लिम समाज को टिकट दिया है. यहां उम्मीदवारों में हैं… आजाद समाज पार्टी से जाहिद हुसैन। बहुजन समाज पार्टी से शाहनजर. समाजवादी पार्टी से पूर्व सांसद कादिर राणा की पुत्रवधू सुम्बुल राणा। AIMIM से अरशद राणा. एनडीए से लोकदल प्रत्याशी मिथलेश पाल. इसके चलते इस बार देखना ये होगा की यहां का मुस्लिम समाज किसके सिर ताज सजाएगा।

इस विधानसभा सीट पर कुल मतदाता लगभग 3 लाख 25000 हैं, जिसमें सवा लाख के आसपास मुस्लिम मतदाताओं की संख्या है. मुस्लिम मतदाता ही चुनाव में निर्णायक भूमिका निभाता है. एनडीए से लोकदल प्रत्याशी मिथलेश पाल इस मैदान में हैं. जानकार कहते हैं कि अगर मुस्लिम मतदाता बिखर जाता हैं तो उसका सीधा-सीधा फायदा लोकदल प्रत्याशी मिथलेश पाल को मिलेगा, जिसके चलते इस सीट पर उनकी जीत और आसान हो जाएगी.

कभी मोरना के नाम से जाने जाने वाली मीरापुर सीट पर पिछले 57 वर्षों के दौरान 14 विधायक चुने जा चुके हैं. हालांकि इनमें ज्यादातर विधानसभा क्षेत्र के बाहर से थे, यानी क्षेत्र की जनता बाहरी लोगों पर ज्यादा विश्वास करती रही है.

meerapur vidhan sabha by-election 2024: यहां पर कुछ सवाल ऐसे हैं जो सियासी पार्टियों के लिए सरदर्द बने हुए हैं मसलन-

-मुस्लिम वोटों के बंटवारे से किसे होगा फायदा?
-मीरापुर उपचुनाव में किसकी चल रही है हवा?
-क्या है जनता का मूड, कौन मारेगा मैदान?
-40% मुस्लिम वोटरों वाली यह सीट कौन जीत रहा है?
-जाट-मुस्लिम समीकरण vs दलित-मुस्लिम समीकरण

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editor

पत्रकारिता में बेदाग 11 वर्षों का सफर करने वाले युवा पत्रकार त्रिनाथ मिश्र ई-रेडियो इंडिया के एडिटर हैं। उन्होंने समाज व शासन-प्रशासन के बीच मधुर संबंध स्थापित करने व मजबूती के साथ आवाज बुलंद करने के लिये ई-रेडियो इंडिया का गठन किया है।
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