मेरठ। जनपद में रसोई गैस की किल्लत और कालाबाजारी की बढ़ती शिकायतों के बीच जिला प्रशासन और पूर्ति विभाग ने सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। जिलाधिकारी के निर्देश पर पूर्ति विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम ने गुरुवार को शहर के कई इलाकों में सघन छापेमारी अभियान चलाया।
क्षेत्रीय खाद्य अधिकारी सुनील कुमार के नेतृत्व में टीम ने हापुड़ रोड स्थित कई खान-पान केंद्रों पर औचक निरीक्षण किया। जांच के दौरान सामने आया कि हाजी सईद चिकन कॉर्नर, एसके चिकन कॉर्नर और क्लासिक टी स्टाल पर कमर्शियल सिलेंडर की जगह घरेलू एलपीजी सिलेंडरों का अवैध रूप से उपयोग किया जा रहा था।
कार्रवाई के दौरान इन स्थानों से कुल 11 घरेलू गैस सिलेंडर जब्त किए गए। अधिकारियों ने बताया कि घरेलू गैस का व्यावसायिक उपयोग करना ‘आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955’ का उल्लंघन है और इस पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
गैस संकट का फायदा उठाकर कालाबाजारी
पिछले कुछ दिनों से सर्वर डाउन होने और कमर्शियल गैस की आपूर्ति बाधित होने के कारण शहर में गैस संकट की स्थिति बनी हुई है। इसी का फायदा उठाकर कुछ लोग ₹910 के घरेलू सिलेंडर को ₹1800 से ₹2000 तक में बेच रहे हैं।
इसी मामले में हाल ही में पुलिस ने एक पूर्व पार्षद अकरम को भी कालाबाजारी के आरोप में गिरफ्तार किया है।
प्रशासन की सख्त चेतावनी
जिला पूर्ति विभाग ने स्पष्ट किया है कि
घरेलू सिलेंडर का व्यावसायिक उपयोग पाए जाने पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी
तहसील स्तर पर निगरानी टीमें गठित कर दी गई हैं
दोबारा उल्लंघन मिलने पर सीधे एफआईआर दर्ज कर गिरफ्तारी की जाएगी
जनता से अपील
प्रशासन ने आम जनता से भी अपील की है कि यदि कहीं गैस की कालाबाजारी या अवैध भंडारण की जानकारी मिले तो तुरंत संबंधित विभाग को सूचित करें।
छापेमारी की इस कार्रवाई के बाद शहर के होटल और रेस्टोरेंट संचालकों में हड़कंप मचा हुआ है।








