मध्य पूर्व में युद्ध की आग लगातार भड़कती जा रही है। शुक्रवार को इजरायल ने ईरान की राजधानी Tehran और लेबनान की राजधानी Beirut पर जोरदार हवाई हमले किए। इसी बीच United States ने समुद्र में मौजूद ईरान के एक ड्रोन कैरियर को निशाना बनाया। इन हमलों के बाद क्षेत्र में तनाव और गहरा गया है और अब यह संघर्ष पूरे मध्य पूर्व को अपनी चपेट में लेने की आशंका पैदा कर रहा है।
हमलों के बाद Iran ने भी जवाबी कार्रवाई करते हुए मिसाइलों और ड्रोन से कई ठिकानों पर हमला किया। ईरान के सरकारी टीवी के मुताबिक, जवाबी हमलों में लंबी दूरी की खुर्रमशहर-4 मिसाइल भी दागी गई। ईरान ने उन पड़ोसी देशों में भी हमले किए, जहां अमेरिकी सैनिक तैनात हैं।
एक सप्ताह में भारी तबाही
लगातार हो रहे हमलों को अब एक सप्ताह हो चुका है और इस दौरान हजारों लोग सीधे तौर पर प्रभावित हुए हैं। ईरानी रेड क्रिसेंट सोसाइटी के अनुसार, संघर्ष शुरू होने के बाद से ईरान में कम से कम 1,230 लोगों की मौत हो चुकी है।
वहीं लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि इस सप्ताह इजरायली हमलों में 123 लोगों की जान गई और 683 लोग घायल हुए हैं। दूसरी ओर, ईरानी हमलों में Israel और खाड़ी देशों में 10 लोगों की मौत की खबर है। अमेरिकी सेना ने भी अपने छह सैनिकों के मारे जाने की पुष्टि की है।
इन आंकड़ों के पीछे अनगिनत परिवारों की टूटती जिंदगी की कहानी छिपी है। कई शहरों में लोग घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों की तलाश में निकल पड़े हैं, जबकि अस्पतालों में घायलों की भीड़ बढ़ती जा रही है।
इजरायल का दावा, ईरान की रक्षा प्रणाली को नुकसान
इजरायली सेना का कहना है कि उसने ईरान की अधिकांश वायु रक्षा प्रणालियों और कई मिसाइल लॉन्चरों को नष्ट कर दिया है। वहीं अमेरिकी रक्षा मंत्री Pete Hegseth ने चेतावनी दी है कि तेहरान के खिलाफ सैन्य अभियान और तेज हो सकता है।
दूसरी ओर, ईरान ने भी साफ कहा है कि यदि हमले जारी रहे तो पूरा मध्य पूर्व गंभीर सैन्य और आर्थिक संकट में घिर सकता है।
तेल अवीव में गूंजे धमाके
ईरान की ओर से मिसाइल हमले की चेतावनी के बाद Tel Aviv में कई विस्फोटों की आवाज सुनी गई। इजरायल के एयर डिफेंस सिस्टम ने कई मिसाइलों को हवा में ही रोकने की कोशिश की, जिससे पूरे शहर में सायरन बजते रहे और लोग बंकरों में शरण लेते नजर आए।
इधर Qatar ने Bahrain में मौजूद सैन्य ठिकानों को निशाना बनाकर किए गए ईरानी हमलों की कड़ी निंदा की है। दोहा का कहना है कि यह हमला खाड़ी सहयोग परिषद के संयुक्त सैन्य कमान को निशाना बनाकर किया गया, जो क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा है।
चीन ने शुरू की उड़ानें, नागरिकों की निकासी जारी
इस बढ़ते तनाव के बीच China की कुछ एयरलाइंस ने Saudi Arabia, Oman और United Arab Emirates के लिए उड़ानें फिर से शुरू कर दी हैं। साथ ही चीन अपने नागरिकों को सुरक्षित निकालने की प्रक्रिया भी तेज कर रहा है।
संयुक्त राष्ट्र की शांति अपील
इस बढ़ते संघर्ष पर चिंता जताते हुए संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार प्रमुख Volker Türk ने कहा कि दुनिया को तुरंत इस आग को बुझाने की जरूरत है। उन्होंने सभी पक्षों से संयम बरतने और तनाव कम करने की अपील की।
उधर लेबनान के प्रधानमंत्री Nawaf Salam ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से मदद की गुहार लगाई है। उनका कहना है कि बड़े पैमाने पर हो रहे विस्थापन से देश में मानवीय संकट पैदा हो सकता है।
उन्होंने कहा, “लेबनान के लोगों ने यह युद्ध नहीं चुना है। दुनिया को आगे आकर इसे रोकने में मदद करनी चाहिए।”
मध्य पूर्व में तेजी से बिगड़ते हालात ने पूरी दुनिया की चिंता बढ़ा दी है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि जल्द ही कूटनीतिक समाधान नहीं निकला, तो यह संघर्ष क्षेत्रीय युद्ध का रूप ले सकता है।






