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  • नूर शहीद बाबा की मजार बनी हिंदू-मुस्लिम एकता की मिसाल

    नूर शहीद बाबा की मजार बनी हिंदू-मुस्लिम एकता की मिसाल

    इस्लाम देता है इंसानियत का पैगाम:सुल्तान रजा नूरी

    बल्दीराय/सुलतानपुर। हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी बल्दीराय तहसील क्षेत्र के चक्कारी भीट गांव में स्थित बाबा नूर शहीद की मजार पर एक दिवसीय उर्स का आयोजन किया गया। नूर शहीद बाबा की मजार पर शुबह कुरान खानी की गई व देर शाम तक लंगरे आम चलता रहा। आपको बता दें कि बाबा नूर शहीद के प्रति आस्था रखने वाले मुस्लिम के साथ-साथ गैर मुस्लिमों ने बाबा नूर शहीद की मजार पर चादर चढ़ाकर मुल्क की सलामती की दुआ मांगी।

    बाद नमाजे ईशा जलसे का आगाज हुआ। मौलाना शरीफ नवाज कादरी कुरान की तिलावत कर जलसे का आगाज किया। मोहम्मद वलीम मोहम्मद अमरील मोहम्मद अफसार ने नातिया कलाम पेश कर महफिल में समा बांधा। नूर शहीद बाबा के चाहने वाले रसूलपुर बल्दीराय पारा बाजार वल्लीपुर कुड़वार अलीगंज व जिले के विभिन्न स्थानों से पहुंचकर लोगों ने बाबा नूर शहीद की मजार पर चादर चढ़ाकर अपने मुल्क में अमन चैन व सलामती की दुआ की। हाफिज सुल्तान रजा नूरी ने खिताबत करते हुए कहा कि इंसानियत और इस्लाम को मोहब्बत से ही बचाया जा सकता है।

    आज के नौजवान एंटी प्रोफेट हो गए हैं। फैशन के नाम पर इस्लामी कल्चर, लिबास, हेयर स्टाईल आदि हम ने खो दिया है। बुराइयों के दौर में भी अल्लाह के नबी मोहम्मद साहिब दुनिया में आए और पैगाम-ए-इंसानियात दिया।इस मौके पर अकील अहमद निजाम अली शान उल्ला मोहम्मद गुफरान इश्तियाक अब्दुल दानिश मोहम्मद मुस्लिम मोहम्मद रईस अहमद अफसर राहुल वर्मा मोहम्मद शाहरुख बाबू मोहम्मद तबरेज मोहम्मद कलीम मोहम्मद समीर सहीम गनी मोहम्मद रिजवान अली आहिल अच्छे मोहम्मद इकबाल मोहम्मद सिराज नूर अली इकरार प्रधान पत्रकार गुलफाम अहमद पत्रकार अकबर अली पत्रकार सरवर हुसैन मोहम्मद लड्डन मोहम्मद नदीम अमरोज आदि लोग मौजूद रहे।

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    News Desk

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