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  • रक्षाबंधन पर भाई की किस कलाई पर राखी बांधना होता है शुभ, जाने

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    रक्षाबंधन का त्योहार भाई-बहनों के प्यार, देखभाल, और सुरक्षा के अटूट बंधन का प्रतीक है। इस दिन बहनें अपने भाइयों की कलाई पर राखी बांधती हैं और उनकी लंबी उम्र की कामना करती हैं। बदले में, भाई अपनी बहनों को रक्षा का वचन देते हैं और क्षमता के अनुसार उन्हें उपहार देते हैं। यह दिन भाई-बहनों के लिए अपना स्नेह व्यक्त करने और अपने रिश्ते को मज़बूत करने का समय होता है। रक्षाबंधन को ‘रक्षा’ और ‘बंधन’ के शब्दों से मिलकर बनाया गया है, जिसका मतलब होता है बहन की सुरक्षा के लिए भाई की प्रतिबद्धता। यह त्योहार भारतीय संस्कृति में गहराई से निहित है और सदियों से मनाया जाता रहा है। यह परिवार, प्रेम, और एकता के मूल्यों को दर्शाता है। भले ही भाई-बहन भौगोलिक रूप से दूर हों, वे अक्सर इस दिन जुड़ने का प्रयास करते हैं, जिससे पारिवारिक संबंध मज़बूत होते हैं। इस बार भी भद्रा लगने का कारण रक्षाबंधन का त्योहार दोपहर के समय मनाया जाएगा। इस साल रक्षाबंधन 19 अगस्त, सोमवार को मनाया जाने वाला है। आइए, जानते हैं कि भाई के हाथ की किस कलाई पर राखी बांधनी चाहिए।

    भाई की इस कलाई पर बांधें राखी

    राखी बांधते समय हमेशा इस बात का ध्यान रखें कि भाई के दाहिने हाथ पर राखी बांधना शुभ होता है। शास्त्रों के अनुसार, दाहिना हाथ या जिसे हम सीधा हाथ कहते हैं, वर्तमान जीवन के कर्मों का हाथ माना जाता है।

    दाहिने हाथ से धार्मिक कार्य

    हिंदू धर्म में दाएं हाथ का इस्तेमाल ही लगभग सभी मांगलिक कार्यों में किया जाता है। पूजा हवन में आहुति देने से लेकर भगवान का प्रसाद लेने तक सभी कार्य में दाएं हाथ का ही इस्तेमाल किया जाता है। सनातन धर्म में बाएं हाथ का इस्तेमाल किसी भी मांगलिक कार्य में करना अशुभ माना गया है।
    मान्यताओं के अनुसार, दाहिने हाथ से किया गया दान और धर्म भगवान स्वीकार करते हैं। यही कारण है कि धार्मिक कार्यों के बाद बांधा जाने वाला कलावा भी दाहिने हाथ पर बांधा जाता है। इसी तरह रक्षाबंधन के दिन दाहिने हाथ पर राखी बांधना शुभ होता है।

    वैज्ञानिक दृष्टि से भी लाभकारी

    दाहिने हाथ पर राखी बांधने से न केवल धार्मिक लाभ होता है, बल्कि वैज्ञानिक दृष्टिकोण से भी रक्षा सूत्र बांधने से शरीर कई प्रकार की बीमारियों से मुक्त हो जाता है। आयुर्वेद में कहा गया है कि शरीर के कई प्रमुख अंगों तक पहुंचने वाली नसें कलाई से होकर गुजरती हैं। ऐसे में इस स्थान पर रक्षा सूत्र बांधने से व्यक्ति रक्तचाप, हृदय रोग, मधुमेह आदि गंभीर बीमारियों से दूर रहता है।

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    News Desk

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