“तनाव के बीच भारत की सख्त आवाज—शांति ही समाधान”
पश्चिम एशिया तनाव पर पीएम मोदी का बड़ा बयान
“नागरिकों और एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर पर हमले अस्वीकार्य”
नई दिल्ली
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोकसभा में पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव पर भारत का स्पष्ट रुख सामने रखा। उन्होंने कहा कि भारत ने नागरिकों, ऊर्जा और परिवहन से जुड़े इंफ्रास्ट्रक्चर पर हमलों का कड़ा विरोध किया है।
कूटनीति से समाधान पर जोर
पीएम मोदी ने कहा कि भारत शुरू से ही इस संघर्ष को लेकर गंभीर रहा है और सभी संबंधित देशों के नेताओं से बातचीत की गई है।
👉 “हमने सभी पक्षों से तनाव कम करने और संघर्ष समाप्त करने का आग्रह किया है।”
उन्होंने दोहराया कि बातचीत और कूटनीति ही इस संकट का एकमात्र समाधान है।
अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग पर चिंता
प्रधानमंत्री ने खासतौर पर अंतरराष्ट्रीय व्यापार और समुद्री सुरक्षा को लेकर चिंता जताई।
👉 कमर्शियल जहाजों पर हमले अस्वीकार्य
👉 होर्मुज स्ट्रेट जैसे अहम जलमार्ग में बाधा गंभीर मुद्दा
उन्होंने कहा कि भारत अपने जहाजों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए लगातार प्रयास कर रहा है।
ऊर्जा और सुरक्षा पर फोकस
पीएम मोदी ने बताया कि सरकार भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए ऊर्जा क्षेत्र को मजबूत कर रही है।
- न्यूक्लियर एनर्जी को बढ़ावा
- स्मॉल हाइड्रो पावर स्कीम को मंजूरी
- अगले 5 वर्षों में 1500 मेगावाट क्षमता बढ़ाने का लक्ष्य
देश की सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट
प्रधानमंत्री ने कहा कि मौजूदा वैश्विक हालात को देखते हुए सभी सुरक्षा एजेंसियों को सतर्क किया गया है।
👉 कोस्ट सिक्योरिटी
👉 बॉर्डर सिक्योरिटी
👉 साइबर सिक्योरिटी
👉 स्ट्रैटेजिक इंस्टॉलेशन
सभी क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की जा रही है।
मानवता और शांति का संदेश
पीएम मोदी ने कहा कि भारत हमेशा मानवता और शांति के पक्ष में खड़ा रहा है।
👉 “किसी भी जीवन पर संकट मानवता के हित में नहीं है।”
उन्होंने सभी देशों से जल्द से जल्द शांतिपूर्ण समाधान की दिशा में आगे बढ़ने की अपील की।







