सेवा यात्रा युवाओं में सेवा का संकल्प

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सेवा यात्रा से जुड़े युवाओं से कहा कि वे इस यात्रा को केवल एक कार्यक्रम के रूप में न देखें, बल्कि इसे पूरी तरह जीने का प्रयास करें। उन्होंने युवाओं से गांवों में जाकर लोगों के बीच समय बिताने, उनकी समस्याओं को समझने और सेवा के माध्यम से समाज से जुड़ने का आह्वान किया।

पीएम मोदी का संदेश ऐसे समय में महत्वपूर्ण है, जब युवाओं के लिए सेवा और सामाजिक भागीदारी को केवल औपचारिक गतिविधि तक सीमित रखने के बजाय उसे अनुभव से जोड़ने की जरूरत महसूस होती है। गांवों में रहने वाले लोगों के जीवन, उनकी आवश्यकताओं और स्थानीय परिस्थितियों को करीब से समझना युवाओं के दृष्टिकोण को व्यापक बना सकता है।

‘इस यात्रा को जी लीजिए’ का संदेश दरअसल यात्रा के उद्देश्य को अनुभव से जोड़ता है। किसी क्षेत्र के बारे में केवल जानकारी हासिल करना और वहां के लोगों के बीच जाकर उनके जीवन को समझना दो अलग अनुभव हैं। सेवा यात्रा युवाओं को इसी अंतर को महसूस करने का अवसर देती है।

गांवों में समय बिताने से युवाओं को ग्रामीण भारत की वास्तविकताओं को समझने का मौका मिलता है। शिक्षा, रोजगार, स्वास्थ्य, बुनियादी सुविधाओं और स्थानीय जरूरतों जैसे विषयों को नजदीक से देखने पर सेवा की आवश्यकता अधिक स्पष्ट होती है। साथ ही, ग्रामीण समाज की अपनी क्षमताओं और सामुदायिक परंपराओं को समझना भी उतना ही जरूरी है।

युवाओं की ऊर्जा और तकनीकी समझ को यदि सामाजिक सरोकारों से जोड़ा जाए तो उसका प्रभाव केवल यात्रा की अवधि तक सीमित नहीं रहना चाहिए। सेवा यात्रा का वास्तविक उद्देश्य तभी मजबूत होगा, जब इसमें शामिल युवा अपने अनुभवों को आगे भी सामाजिक जिम्मेदारी और सकारात्मक भागीदारी में बदलें।

भारत की बड़ी युवा आबादी को देखते हुए सेवा और सामाजिक सहभागिता का यह पक्ष महत्वपूर्ण है। गांवों और शहरों के बीच संवाद बढ़ाने से दोनों क्षेत्रों की वास्तविकताओं को समझने में मदद मिल सकती है। ऐसे प्रयास युवाओं को केवल लाभार्थी या दर्शक के बजाय समाज में सक्रिय भागीदार बनाने की दिशा में काम कर सकते हैं।

प्रधानमंत्री का युवाओं से यात्रा को ‘जीने’ का आग्रह इसी व्यापक सोच की ओर संकेत करता है। किसी भी सेवा अभियान की सफलता केवल कार्यक्रमों की संख्या से नहीं, बल्कि उससे पैदा होने वाली संवेदना, समझ और दीर्घकालिक सामाजिक भागीदारी से तय होती है। इसलिए सेवा यात्रा को एक अवसर के रूप में देखा जाना चाहिए—समाज को करीब से जानने, लोगों से जुड़ने और अपनी जिम्मेदारियों को समझने का अवसर।