कुँआ समुन्दर कैसे! नदियाँ ही बता दें जो गिरती हों..
भारत का बजट संसद में पेश हुआ है। कोई भी बजट अपनी आय और खर्चों का स्रोत तथा उनके समायोजन का हिसाब किताब होता है। इस दृष्टि से यह पहला भाषण है जिसमें सपने तो हैं पर स्रोत कहीं नहीं…
भारत का बजट संसद में पेश हुआ है। कोई भी बजट अपनी आय और खर्चों का स्रोत तथा उनके समायोजन का हिसाब किताब होता है। इस दृष्टि से यह पहला भाषण है जिसमें सपने तो हैं पर स्रोत कहीं नहीं…