दस लक्षण पर्व की पूर्व संध्या पर होगा विशेष आयोजन

Path to Healing and Freedom

‘क्षमा : स्वतंत्रता का मार्ग’ तीन दिवसीय स्वास्थ्य एवं हीलिंग वर्कशॉप

नई दिल्ली। दस लक्षण पर्व की पूर्व संध्या पर राजधानी दिल्ली में स्वास्थ्य और आत्मिक शांति से जुड़ा एक अनोखा आयोजन होने जा रहा है। 5 से 7 सितम्बर 2025 तक ‘फॉरगिवनेस – ए पाथ टू फ्रीडम’ शीर्षक से तीन दिवसीय हेल्थ एंड हीलिंग वर्कशॉप का आयोजन विश्वस्तरीय रेज़िडेंशियल रिट्रीट सेंटर ‘ज़ोर्बा द बुद्धा’ (नई दिल्ली) में किया जाएगा।

इस विशेष वर्कशॉप का संचालन डॉ. जिनेन्द्र जैन करेंगे। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य प्रतिभागियों को जीवन में संचित भावनात्मक बोझ से मुक्त करना और क्षमा की शक्ति को आत्मसात कराना है। आयोजकों के अनुसार क्षमा और आत्म-प्रेम सबसे बड़ी उपचारात्मक शक्तियाँ हैं, जो न केवल मानसिक तनाव को दूर कर सकती हैं बल्कि गंभीर रोगों तक को ठीक करने की क्षमता रखती हैं।

डॉ. जैन का कहना है कि “हमारे अधिकांश स्वास्थ्य संबंधी संकट केवल शारीरिक नहीं होते, बल्कि वे भय, तनाव, चिंता, क्रोध और अपराधबोध जैसी नकारात्मक भावनाओं की देन होते हैं। यदि इन्हें छोड़ दिया जाए तो जीवन में शांति, ऊर्जा और आनंद स्वतः लौट आते हैं।”

तीन दिनों तक चलने वाले इस आवासीय शिविर में प्रतिभागियों को आत्म-विश्लेषण, ध्यान, हीलिंग प्रैक्टिस और विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से स्वयं को भीतर से जानने और पुरानी भावनात्मक जंजीरों से मुक्त होने का अवसर मिलेगा। साथ ही यह वर्कशॉप आत्मीय संबंधों को सुधारने और जीवन में सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित करने पर भी केंद्रित होगी।

दस लक्षण पर्व के धार्मिक महत्व को ध्यान में रखते हुए यह आयोजन श्रद्धा, स्वास्थ्य और अध्यात्म का एक अद्भुत संगम बनने जा रहा है। आयोजकों ने इच्छुक प्रतिभागियों से शीघ्र पंजीकरण कराने की अपील की है, क्योंकि सीटें सीमित हैं।