क्या राजभर और अखिलेश की जोड़ी गुल खिला पाएगी?

क्या योगी आदित्यनाथ की सरकार पर राजभर ने वाकई मास्टर कार्ड खेला है || क्या समाजवादी पार्टी के साथ मिलने पर राजभर को मिल पाएगा बड़ा फायदा

अखिलेश यादव और ओपी राजभर की पार्टी के बीच गठबंधन के बाद पहली बार मऊ में पहुंचे अखिलेश यादव ने यूपी में सत्तानशीं भाजपा सरकार पर हमला बोला है और चुनावी आगाज करते हुए एक के बाद एक कई आरोप लगाए…..

आपको बता दें कि सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के 19वें स्थापना दिवस पर उमड़ी भीड़ ऐतिहासिक थी ऐसे में सुभासपा सुप्रीमो ओमप्रकाश राजभर ने अखिलेश को कभी वर्तमान मुख्यमंत्री तो कभी 2022 का भावी मुख्यमंत्री बनाकर कई बार ताल ठोंका लेकिन वहीं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने बड़ी संजीदगी और मजबूती से कहा कि लड़ाई अभी लंबी है। आप सबको मिल कर लड़नी होगी।

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कार्यक्रम के दौरान आयोजित महापंचायत में सत्तारूढ़ भाजपा की आलोचना के दौरान राजभर ने प्रदेश के खजाने का जिक्र करते हुए कहा, जितना भारतीय जनता पार्टी दो महीने में खर्चा करती है उतना एक महीने में हमारे बिरादर खाली दारू पी जाते हैं। हालांकि, अगले ही पल राजभर ने लोगों से पूछा कि शराब बंद होनी चाहिए और जनता से इस बारे में राय भी मांगी।

इस दौरान दोनों ही नेताओं ने मोदी-योगी की सरकार को नाकाम बताते हुए विश्व का नंबर वन झूठा कहा। तीखे हमले भी किए लेकिन मोदी की नकल उतारते हुए जनता से संवाद करना नहीं भूला। अखिलेश यादव और राजभर ने भाजपा की नीतियों को जनता के खिलाफ बताते हुए कहा कि आने वाले समय में उत्तर प्रदेश से योगी की विदाई होगी और ऐसे में जनता समाजवादी पार्टी की सरकार लाएगी। देखना यह है कि चुनावी माहौल में इस प्रकार के अतिउत्साही रवैये का क्या फर्क पड़ेगा।