
लखनऊ। पुलिस स्मृति दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शहीद पुलिसकर्मियों को श्रद्धांजलि देते हुए उनके साहस, समर्पण और बलिदान को याद किया। उन्होंने कहा कि देश और समाज की सुरक्षा के लिए प्राण न्योछावर करने वाले पुलिसकर्मी सदैव प्रेरणास्रोत रहेंगे। मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर कहा कि नए उत्तर प्रदेश में कानून से ऊपर कोई नहीं है।
योगी आदित्यनाथ ने वर्ष 2017 से पहले की कानून-व्यवस्था का उल्लेख करते हुए कहा कि उस समय प्रदेश में माफिया और अराजक तत्वों का प्रभाव था। उन्होंने मथुरा के जवाहर बाग की घटना का जिक्र करते हुए कहा कि वहां कानून की रक्षा करते हुए पुलिस अधिकारियों को अपने प्राण गंवाने पड़े थे। मुख्यमंत्री के अनुसार, प्रदेश अब उपद्रव से उत्सव की ओर बढ़ा है और पुलिस को अपराधियों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई की स्वतंत्रता मिली है।
मुख्यमंत्री ने पुलिस व्यवस्था में हुए बदलावों का उल्लेख करते हुए बताया कि प्रदेश में 2.26 लाख से अधिक पुलिसकर्मियों की भर्ती की गई है। पुलिस प्रशिक्षण क्षमता में दस गुना वृद्धि हुई है। सात बड़े शहरों में पुलिस कमिश्नरेट प्रणाली लागू की गई है। प्रत्येक जिले में साइबर थाने और प्रत्येक थाने में महिला हेल्प डेस्क स्थापित की गई है।
उन्होंने यह भी दावा किया कि गैंगस्टर एक्ट के तहत 88,973 अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई की गई है और 15 हजार करोड़ रुपये से अधिक की अवैध संपत्ति जब्त की गई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का संकल्प प्रदेश को सुरक्षित, न्यायपूर्ण और भयमुक्त बनाए रखना है। उन्होंने शहीद पुलिसकर्मियों के परिवारों के त्याग और योगदान को सम्मान देने तथा कानून-व्यवस्था को मजबूत करने के लिए लगातार काम करने की प्रतिबद्धता जताई।

