- पाकिस्तान में युवाओं का तांडव जारी
- विश्वविद्यालय से शुरू हुआ आंदोलन
- छात्रों ने सरकार के खिलाफ जताई नाराजगी
पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (पीओके) में हालात एक बार फिर तनावपूर्ण हो गए हैं। एक महीने के भीतर यह दूसरा मौका है जब सैकड़ों की संख्या में युवाओं ने सड़कों पर उतरकर शहबाज शरीफ सरकार के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। इस बार आंदोलन की अगुवाई नई पीढ़ी — Gen Z — के हाथों में है, जिन्होंने सरकार और विश्वविद्यालय प्रशासन दोनों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।
जानकारी के मुताबिक, विरोध की शुरुआत मुजफ्फराबाद के विश्वविद्यालय से हुई, जहां छात्रों ने बढ़ती फीस, खराब सुविधाओं और प्रशासनिक लापरवाही के खिलाफ प्रदर्शन किया। शुरुआत में यह प्रदर्शन शांतिपूर्ण था, लेकिन अचानक हुई अज्ञात फायरिंग के बाद स्थिति बिगड़ गई। बताया जा रहा है कि फायरिंग में एक छात्र घायल हुआ, जिसके बाद छात्रों का गुस्सा फूट पड़ा।
घटना के बाद आक्रोशित छात्रों ने टायर जलाए, सड़कें जाम कीं और कई स्थानों पर आगजनी की। विश्वविद्यालय परिसर और आस-पास की संपत्तियों को भी नुकसान पहुंचाया गया। प्रदर्शनकारियों के उग्र रूप के कई वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं। वीडियो में छात्र सरकार विरोधी नारे लगाते और शहबाज शरीफ सरकार के खिलाफ नाराजगी जाहिर करते नजर आ रहे हैं।
छात्रों का आक्रोश 30 अक्तूबर को घोषित इंटरमीडिएट प्रथम ईयर के परिणामों से जुड़ा बताया जा रहा है। कई छात्रों का आरोप है कि उन्हें जानबूझकर कम अंक दिए गए, जबकि कुछ को उन विषयों में भी पास दिखाया गया जिनकी परीक्षा उन्होंने दी ही नहीं। इसी को लेकर विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ असंतोष बढ़ता गया और आंदोलन का रूप ले लिया।
गौरतलब है कि इससे पहले अक्टूबर की शुरुआत में भी गुलाम कश्मीर में बड़ा आंदोलन हुआ था, जिसमें 12 नागरिकों की मौत हुई थी। उस दौरान लोगों ने सरकार से कुल 30 मांगें रखी थीं — जिनमें आटा और बिजली की कीमतों में कमी, टैक्स में राहत, तथा बुनियादी सुविधाओं में सुधार जैसी प्रमुख मांगें शामिल थीं।
विशेषज्ञों का मानना है कि पाकिस्तान के कब्जे वाले इस क्षेत्र में लगातार हो रहे युवा आंदोलनों ने शहबाज शरीफ सरकार और सेना के लिए नई चुनौती खड़ी कर दी है। सोशल मीडिया पर चल रहे चर्चाओं में कहा जा रहा है कि बांग्लादेश और नेपाल के बाद अब पीओके में Gen Z की नई सोच और विरोध की भावना पाकिस्तान की सत्ता के लिए खतरे की घंटी साबित हो सकती है।