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  • काशी हिंदू विश्वविद्यालय वाराणसी ने आयोजित किया अन्तर्राष्ट्रीय बेविनार, कई विवि के संगीत सम्राटों ने लिया हिस्सा

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    • डॉ राम शंकर, ई-रेडियो इंडिया
    वाराणसी। ‘कोरोना कॉल: वैश्वीकरण एवं संचार क्रांति’ के परिपेक्ष में संगीत शिक्षण तथा मंच प्रस्तुतियों के विषय पर एक अंतरराष्ट्रीय सेमिनार का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का संयोजन प्रसिद्ध गायन कलाकार व ‘ई-रेडियो इंडिया के सांस्कृतिक संपादक’ डॉ राम शंकर ने किया।

    WhatsApp%2BImage%2B2020 05 30%2Bat%2B3.20.37%2BPMकार्यक्रम का शुभारंभ डॉ विजय कपूर ने कुलगीत गाकर किया एवं विभागाध्यक्ष प्रोफेसर संगीता पंडित द्वारा सभी का स्वागत किया गया, उद्घाटन सत्र में मुख्य अतिथि पद्मश्री प्रोफ़ेसर राजेश्वर आचार्य ने अपनी शुभकामनाएं प्रेषित की एवं कीनोट स्पीकर के रूप में प्रोफेसर स्वतंत्र शर्मा (पूर्व कुलपति राजा मानसिंह तोमर विश्वविद्यालय ग्वालियर) ने विषय को बहुत ही स्पष्ट और विस्तृत रूप में सबके समक्ष रखा, उन्होंने सूचना तकनीकी की महत्व का वर्णन करते हुए उसके संगीत में प्रयोग एवं प्रशिक्षण की विधियों पर चर्चा की तथा विकास की नई संभावनाओं पर प्रकाश डाला इसके पश्चात उन्होंने यूजीसी द्वारा ऑनलाइन प्रशिक्षण हेतु बनाए गए कार्यक्रमों का भी विवरण प्रस्तुत किया।

    उद्घाटन सत्र के अंत में संकाय प्रमुख प्रोफेसर राजेश शाह ने अध्यक्षीय भाषण में सभी का धन्यवाद प्रेषित करते हुए कहा कि हमें संगीत के कलाकारों की आर्थिक स्थिति पर ध्यान केंद्रित करना होगा अंतरराष्ट्रीय वेबीनार में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय संगीतज्ञ शिक्षकों एवं शोधार्थियों ने सक्रिय प्रतिभाग किया।

    नेपाल की प्रथम महिला सरोद वादिका ने भी लिया हिस्सा

    प्रथम तकनीकी सत्र में डॉ विजयश्री शर्मा यूएसए एवं डॉक्टर विशाल जैन इलाहाबाद विश्वविद्यालय ने अतिथि वक्ता के रूप में अपने ज्ञानवर्धक विचार प्रस्तुत किए। इस दौरान अध्यक्षीय भाषण में प्रोफेसर पुष्पम नारायण जी ने बहुत ही सहजता से इस विषय को स्पष्ट किया।

    द्वितीय तकनीकी सत्र में नेपाल की प्रथम महिला सरोद वादिका श्रीमती रूपा न्यूपाने नेपाल एवं प्रोफेसर लावण्य कीर्ति दरभंगा ने कहा कि इस काल में हमें तकनीक को सीखने का मौका मिला है, उन्होंने शिक्षा में तकनीकी गुणवत्ता पर प्रकाश डाला और शोधार्थियों को बताया कि तकनीक का इस्तेमाल सजग होकर करें एवं सार् गर्वित रूप में ज्ञानवर्धक जानकारियां प्रस्तुत की।
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    आर्थिक संकट पर भी उठा सवाल

    अध्यक्षीय भाषण में प्रोफेसर जीत राम शिमला ने अपनी बात कही, डॉ विवेक फड़नीष चित्रकूट ने लोक कलाकारों के आर्थिक संकट पर प्रश्न उठाते हुए अपनी बात सबके सामने रखी। द्वितीय सत्र में डॉ अमित कुमार वर्मा विश्व भारती विश्वविद्यालय कोलकाता ने अपने ज्ञानवर्धक व्याख्यान में यूजीसी से संबंधित विभिन्न इंटरनेट कोर्स का पूर्ण विवरण प्रस्तुत किया, तत्पश्चात डॉक्टर जोइता बोस मंडल कैलिफ़ोर्निया ने ऑनलाइन म्यूजिक एजुकेशन के बारे में अपने विचार प्रस्तुत किए।
    डॉ भावना ग्रोवर मेरठ में संगीत एवं नृत्य ई लर्निंग विषय पर अपने विचार रखें, तत्पश्चात अध्यक्षीय भाषण में डॉ राजेश केलकर जी बड़ौदा ने संगीत के क्षेत्र में बेब वेस्ट ई लर्निंग में कॉमन सेंस लगाने की बात कही और यह भी कहा कि छात्रों को प्रथम सेमेस्टर से ही इन लर्निंग और सोशल प्लेटफॉर्म से अवगत कराना चाहिए।

    ई-लर्निंग की चुनौतियों पर गूंजी आवाज

    चौथे सत्र में डॉ स्नेह आशीष दास अमरावती ने वर्तमान परिपेक्ष में ई लर्निंग की चुनौतियों पर प्रकाश डाला, दूसरे वक्ता डॉ अरविंद कुमार जी ने बताया कि आज विज्ञान की सफलता के कारण हम किसी भी विषय का ज्ञान घर बैठे ई लर्निंग के माध्यम से कर सकते हैं। डॉक्टर अंबिका कश्यप हरियाणा, डॉ वेणु वनिता मेरठ एवम डॉ रुची मिश्र ने भी अपने नवीन विचारों से सबको अवगत कराया। वेबीनार के समापन समारोह में मुख्य अतिथि प्रोफेसर चितरंजन ज्योतिषी जी एवं पद्म विभूषण स्वामी रामानंदाचार्य जगद्गुरु रामभद्राचार्य जी ने अपने आशीर्वचन प्रस्तुत किए इस सत्र की अध्यक्षता प्रोफ के शशि कुमार जी ने किया अंतरराष्ट्रीय वेबीनार के विभिन्न सत्रों का सफल संचालन प्रोफ़ेसर शारदा वेलंकर प्रोफेसर रेवती डॉक्टर अम्बरीष चंचल, डॉक्टर मधुमिता ने किया।

    समापन से पहले बताया बेविनार का सारांश

    अंत में वेबीनार के सारांश को कुमारी श्यामा ने संक्षिप्त रूप में प्रस्तुत किया वेबीनार के समापन की घोषणा करते हुए संयोजक डॉ राम शंकर ने अंतर्राष्ट्रीय वेबीनार से जुड़े सभी विद्वानों संगीतज्ञ शिक्षकों शोधार्थियों एवं प्रतिभागियों का धन्यवाद दिया एवं विशिष्ट एवं मुख्य अतिथियों का हृदय से आभार व्यक्त किया। वेबीनार के तकनीकी पक्ष को संभालने के लिए डॉक्टर राजा पाठक, शशांक एवं प्रणव शंकर का भी आभार व्यक्त किया। इस अंतरराष्ट्रीय वेबीनार में लगभग 660 प्रतिभागियों ने सक्रिय सहभागिता की आज संक्रमण काल में बाधित संगीत शिक्षा को एक नया रूप देने के लिए विचार विमर्श किया गया एवं संगीत प्रायोगिक कला को नई तकनीक से जोड़ते हुए आगे ले जाने की बात कही गई यह अंतरराष्ट्रीय वेबीनार बहुत ही सफल रहा।
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    editor

    पत्रकारिता में बेदाग 11 वर्षों का सफर करने वाले युवा पत्रकार त्रिनाथ मिश्र ई-रेडियो इंडिया के एडिटर हैं। उन्होंने समाज व शासन-प्रशासन के बीच मधुर संबंध स्थापित करने व मजबूती के साथ आवाज बुलंद करने के लिये ई-रेडियो इंडिया का गठन किया है।
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